उपनाम: थारपारकर गाय
थारपारकर गाय बनी पशुपालकों की पहली पसंद, रोज देती है 12-15 लीटर दूध, सेहत और कमाई दोनों में अव्वल
थारपारकर, गिर और साहिवाल जैसी स्वदेशी नस्लों की मांग तेजी से बढ़ रही है। इनका ए-2 दूध सेहत के लिए फायदेमंद है और कम खर्च में अधिक उत्पादन देकर किसानों की आमदनी बढ़ा रहा है।
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एक महीने पहले
देसी गाय की बेहतरीन नस्लें: कम चारे और कड़ी धूप में भी बाल्टी भरकर दूध देंगी ये गायें, समझें थारपारकर-साहीवाल की खूबियां
थारपारकर, साहीवाल, गिर, लाल सिंधी, राठी और कांकरेज जैसी देसी नस्लें भीषण गर्मी और सीमित चारे में भी रोज़ 10 से 20 लीटर तक दूध देकर पशुपालकों के लिए वरदान बन रही हैं। इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता और गर्मी झेलने की ताकत इन्हें डेयरी किसानों की पहली पसंद बनाती...
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एक महीने पहले