उपनाम: सोरसन अभयारण्य
वन्यजीव पर्यटन का बड़ा केंद्र बना कोटा संभाग, बाघ-घड़ियाल से लेकर दुर्लभ पक्षियों तक का बसेरा
राजस्थान के कोटा संभाग में फैले घने वन, पहाड़ और घासभूमियां तेंदुआ, बाघ और सैकड़ों पक्षी प्रजातियों का सुरक्षित ठिकाना हैं। दर्रा, रामगढ़ विषधारी और सोरसन जैसे अभयारण्य इसे वन्यजीव पर्यटन का अहम केंद्र बनाते हैं।
0
0
0
2 घंटे पहले