उपनाम: स्पीति मैराथन
मजदूरी से मैराथन तक: 7 साल की उम्र में अनाथ हुए मनीष की कहानी, अब स्पीति में 77 किमी की दौड़ के लिए तैयार
भोजपुर के रहने वाले मनीष कुमार ने बेहद कम उम्र में माता-पिता को खोने के बाद मजदूरी करके अपना जीवन गुजारा, लेकिन हार नहीं मानी। अब वह संघर्षों को पीछे छोड़ हिमाचल प्रदेश की कठिन 77 किलोमीटर लंबी अल्ट्रा मैराथन में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
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एक महीने पहले