उपनाम: सोमवती अमावस्या
जून महासंयोग: 15 जून को 30 वर्षों बाद बनेगा सोमवती अमावस्या और अधिकमास का अनोखा योग, इस दिन करें ये 3 उपाय
15 जून को सोमवती अमावस्या और अधिकमास का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो ज्योतिष के अनुसार पूरे 30 साल बाद आ रहा है। इस शुभ दिन पर भगवान विष्णु और शिव की आराधना के साथ तीन खास उपाय करने से जीवन की बाधाएं दूर होने की मान्यता है।
क्या आपके पितृ हैं रुष्ट? नाराज पितरों को मनाने का सुनहरा अवसर, इस दिन करें पिंडदान
सोमवती अमावस्या से ठीक एक दिन पहले 14 जून को पितृ कार्येषु अमावस्या पड़ रही है, जिसे नाराज पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष की शांति के लिए सर्वश्रेष्ठ तिथि बताया गया है।
मलमास की सोमवती अमावस्या पर गंगा स्नान और दान कितना फलदायी? जानें राशि के अनुसार अलग-अलग उपाय
अधिक मास की सोमवती अमावस्या 15 जून सोमवार को पड़ रही है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस दिन हरिद्वार में गंगा स्नान और राशि के अनुसार दान करने से रोग नष्ट होकर भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
तीन वर्ष बाद बना दुर्लभ योग, अधिकमास के संग पूर्ण होगा पुरुषोत्तम मास, एक छोटा उपाय बदल सकता है भाग्य
तीन साल बाद ऐसा संयोग बना है जब अधिकमास की सोमवती अमावस्या के साथ पुरुषोत्तम मास का समापन हो रहा है। मान्यता है कि इस दिन तर्पण, दान और शिव पूजा से पितृ दोष कम होते हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
तीन वर्ष बाद अधिकमास में बना सोमवती अमावस्या का दुर्लभ योग, एक उपाय से दूर होगा पितृ दोष और मिलेगा पुण्य फल
इस बार पुरुषोत्तम मास में सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जो करीब तीन साल में एक बार आता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों का तर्पण, दान और भगवान शिव की पूजा करने से पितृ दोष में राहत और विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।