उपनाम: रत्न व्यापार
गोलकोंडा का नगीना बाग: जहां तपती गर्मी भी बेअसर हो जाती थी, रानियों की कहानी का असली सच क्या है?
हैदराबाद के गोलकोंडा किले का नगीना बाग कुतुबशाही दौर में रत्न और हीरों का व्यापार केंद्र था। यहां की ठंडक उन्नत वास्तुकला की देन थी, जबकि रानियों के झूले और गुलाब जल के फव्वारों की कहानियों को इतिहासकार दंतकथा मानते हैं।
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2 घंटे पहले