उपनाम: प्रवासी मजदूर
ओपिनियन: नेताजी, आखिर यूपी-बिहार वालों की मेहनत से आपको इतनी तकलीफ क्यों है?
महाराष्ट्र में टैक्सी और कैब चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता ने रोजगार और संवैधानिक अधिकारों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। यह लेख उन मेहनतकश लोगों की व्यथा को दर्शाता है जो अपनी रोजी-रोटी के लिए किसी के रहम पर नहीं, बल्कि अपने पसीने की कमाई पर निर्भर है...
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3 घंटे पहले
काम की तलाश में आंध्र प्रदेश गए, बीमारी लेकर लौटे पूर्णिया के मजदूर; एक की मौत से दहशत
रोजगार की उम्मीद में पूर्णिया और सीमांचल से आंध्र प्रदेश की एक फैक्ट्री में काम करने गए कई मजदूर गंभीर रूप से बीमार पड़ गए हैं। एक मजदूर की मौत हो चुकी है और कई अन्य अस्पताल में भर्ती हैं, जिनमें सिलिकोसिस की पुष्टि हुई है।
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2 महीने पहले