उपनाम: परंपरागत कला
मशीनों के दौर में भी कायम है हाथ का हुनर, बोकारो के 80 वर्षीय बुजुर्ग ऐसे बनाते हैं रस्सी
बोकारो के काशी झरिया गांव में 80 वर्षीय दिगम जी आज भी पुराने प्लास्टिक के बोरों से मजबूत रस्सियां बनाकर अपनी जीविका चला रहे हैं। मशीनों के आने से इस पारंपरिक कला पर संकट है, लेकिन बुजुर्ग कलाकार इसे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।
0
0
0
4 घंटे पहले