उपनाम: प्राचीन बावड़ी
धरोहर: श्मशान घाट के पास हजार साल पुराना शिव मंदिर, अपने भीतर समेटे है इतिहास की अनसुनी दास्तान
उदयपुर के सबसे पुराने श्मशान घाट के पास खड़ा करीब एक हजार वर्ष पुराना यह शिव मंदिर अपनी ऐतिहासिक वास्तुकला, दुर्लभ शिल्प और पास की प्राचीन बावड़ी के कारण शहर की अनमोल विरासत माना जाता है। आस्था और संस्कृति का यह केंद्र आज भी श्रद्धालुओं और इतिहास प्रेमियो...
0
0
0
3 महीने पहले
हर दिशा से उतरती सीढ़ियां और जल बचाने की अनोखी तकनीक: यही है चोपड़ा बावड़ी का असली रहस्य
धौलपुर की ऐतिहासिक चोपड़ा बावड़ी अपनी चारों दिशाओं से उतरती सीढ़ियों और प्राचीन जल संरक्षण तकनीक के कारण आज भी सबको हैरान करती है। यह राजस्थान की समृद्ध स्थापत्य विरासत का अनूठा उदाहरण मानी जाती है।
0
0
0
3 महीने पहले