उपनाम: पुनर्वास नीति
हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की राह पर मड़कम भीमा, सुकमा में बन गए बदलाव की मिसाल
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के मड़कम भीमा ने बंदूक छोड़कर मुख्यधारा को अपनाया है, और अब सरकारी योजनाओं की बदौलत वह एक सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
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2 महीने पहले
जंगल की हिंसा छोड़ बंधे प्रेम के बंधन में, दो माओवादियों की शादी में पुलिस बनी मेजबान
वर्षों तक हथियार उठाने वाले छत्तीसगढ़ के 'गोलू' और मध्य प्रदेश की 'संगीता' ने आत्मसमर्पण के बाद गोंदिया पुलिस मुख्यालय में सात फेरे लिए। पुलिस अधिकारियों ने इस विवाह में घराती-बाराती की भूमिका निभाई।
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2 महीने पहले
नौ साल नक्सलियों के साये में बीते, परिवार से रहे दूर... अब खाकी वर्दी में गढ़ रहे नई पहचान
छत्तीसगढ़ के सुरेश मिंज नौ साल तक नक्सली संगठन से जुड़े रहने के बाद मुख्यधारा में लौटे और अब पुलिस आरक्षक बनकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
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3 महीने पहले