उपनाम: नीम करौली बाबा
'सालों से यहां आने का सपना देखा', अमेरिका के मैक्स क्यों पहुंचे कैंची धाम? बोले- बदल गई जिंदगी
कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अमेरिका से आए मैक्स विलियम की आध्यात्मिक यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है, जो 2020 तक ईसाई धर्म का पालन करते थे।
कैंची धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, दोपहर तक 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, ड्रोन से निगरानी
नैनीताल स्थित कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज के स्थापना दिवस पर देश-विदेश से उमड़े भक्तों में दोपहर तक 40 हजार से ज्यादा लोग दर्शन कर चुके हैं। भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहली बार ड्रोन कैमरों से पूरे इलाके पर नजर रखी है।
कैंची धाम स्थापना दिवस: बाबा नीम करौली के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु, 22 हजार से अधिक ने टेका माथा
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर देश-विदेश से हजारों भक्त नैनीताल पहुंचे हैं। प्रशासन के अनुसार अब तक 22 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बाबा नीम करौली के दर्शन कर चुके हैं।
कैंची धाम मेला: 'यहां आएगा पूरा विश्व'—नीम करौली बाबा की भविष्यवाणी सच, स्थापना दिवस पर उमड़े लाखों श्रद्धालु
उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध कैंची धाम में बाबा नीम करौली महाराज का स्थापना दिवस श्रद्धा और उल्लास से मनाया जा रहा है, जहां देश-विदेश से आए लाखों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है और भक्तों को बाबा का प्रिय मालपुआ प्रसाद बांटा जा रहा है।
Kaichi Dham Mela 2026: न जाम, न भीड़! कैंची धाम का यह ट्रैकिंग रूट बना श्रद्धालुओं की नई पसंद
कैंची धाम स्थापना दिवस महोत्सव से पहले श्रद्धालुओं के लिए राहत भरी खबर। नैनीताल से कैंची धाम तक का ब्रिटिश काल का पुराना पैदल मार्ग अब एक आकर्षक ट्रैकिंग रूट के रूप में विकसित किया गया है, जो जाम से बचाकर प्रकृति के करीब ले जाता है।
कैंची धाम स्थापना दिवस मेला: निजी वाहनों पर रोक, जानिए शटल सेवा और पूरा ट्रैफिक प्लान
उत्तराखंड के कैंची धाम में 15 जून को स्थापना दिवस का मेला आयोजित होगा, जिसके लिए नैनीताल पुलिस ने विशेष यातायात और सुरक्षा इंतजाम किए हैं। इस बार श्रद्धालु निजी वाहन से सीधे मंदिर तक नहीं जा सकेंगे और इसके लिए करीब 350 बसों की शटल व्यवस्था की गई है।
कैंची धाम में मालपुआ ही क्यों है खास प्रसाद? जानिए इस भोग से जुड़ी आस्था और परंपरा का रहस्य
कैंची धाम के स्थापना दिवस पर बंटने वाला मालपुआ प्रसाद बाबा नीम करौली महाराज की प्रिय परंपरा से जुड़ा है। श्रद्धालु इसे केवल भोग नहीं, बल्कि बाबा का आशीर्वाद मानते हैं और कई लोग इसे वर्षों तक अपने घर में संभालकर रखते हैं।