उपनाम: मराठी भाषा
ओपिनियन: नेताजी, आखिर यूपी-बिहार वालों की मेहनत से आपको इतनी तकलीफ क्यों है?
महाराष्ट्र में टैक्सी और कैब चालकों के लिए मराठी भाषा की अनिवार्यता ने रोजगार और संवैधानिक अधिकारों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। यह लेख उन मेहनतकश लोगों की व्यथा को दर्शाता है जो अपनी रोजी-रोटी के लिए किसी के रहम पर नहीं, बल्कि अपने पसीने की कमाई पर निर्भर है...
मराठी भाषा की अनिवार्यता पर विवाद, ऑटो और कैब चालकों ने खटखटाया बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा
महाराष्ट्र सरकार के मराठी भाषा अनिवार्य करने के फैसले के खिलाफ चालकों ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें इसे मौलिक अधिकारों का हनन बताया गया है।
मराठी भाषा विवाद पर देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान, कहा- किसी के रोजगार पर नहीं आएगी आंच
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया है कि मराठी सीखने की अनिवार्यता को लेकर राजनीति की जा रही है और किसी भी टैक्सी या रिक्शा चालक के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
‘पांडे हों या देशपांडे, महाराष्ट्र में बिजनेस करना है तो मराठी बोलना जरूरी’, ऑटो चालकों पर मंत्री प्रताप सरनाईक का बड़ा बयान
महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा को अनिवार्य किए जाने के फैसले पर राजनीति तेज हो गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दोटूक कहा है कि राज्य में व्यवसाय करने के लिए स्थानीय भाषा का ज्ञान होना आवश्यक है।
महाराष्ट्र के सभी स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी अनिवार्य, नियमों को तोड़ा तो होगी सख्त कार्रवाई
महाराष्ट्र सरकार ने मराठी भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी बोर्डों के स्कूलों में पहली से दसवीं कक्षा तक मराठी पढ़ाना अनिवार्य कर दिया गया है।