उपनाम: खेती तकनीक
पिता की खेती संवारने का था सपना, किस्मत ने कृषि वैज्ञानिक बनाकर बदल दी हजारों किसानों की तकदीर
उत्तर प्रदेश के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले डॉ. देवेंद्र कुमार ने कृषि वैज्ञानिक के रूप में लगभग 40 साल तक किसानों की सेवा की और हाल ही में पूसा विश्वविद्यालय से सेवानिवृत्त हुए हैं।
मछली पालन से बदल गई तकदीर, छपरा के इस किसान ने बंगाल और यूपी से सीखी तकनीक, अब हो रही लाखों की कमाई
बिहार के छपरा जिले के एक युवा किसान ने मछली पालन में नई तकनीक अपनाकर सफलता की मिसाल पेश की है। पप्पू कुमार यादव ने उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जाकर प्रशिक्षण लिया और अब पारंपरिक खेती से हटकर मोटी मुनाफा कमा रहे हैं।
किसानों की मेहनत होगी कम, बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी का कमाल, पीठ पर टंगने वाला स्प्रेयर करेगा घंटों का काम मिनटों में
बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने खेती के काम को आसान बनाने के लिए एक खास मोटराइज्ड स्प्रे बैग विकसित किया है, जो किसानों को कीटनाशक और खाद के छिड़काव में बड़ी राहत देगा।
जुलाई में शुरू करें खस की खेती, आवारा पशुओं का डर नहीं और डेढ़ साल में हो जाएंगे मालामाल
अगर आपके पास बंजर या पथरीली जमीन है और आप आवारा पशुओं की समस्या से परेशान हैं, तो खस की खेती आपके लिए कमाई का बेहतरीन जरिया बन सकती है। जुलाई का महीना इसकी रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त है और डेढ़ साल की मेहनत के बाद किसान लाखों का मुनाफा कमा सकते हैं।
अमरूद की खेती में अपनाएं यह खास तकनीक, बढ़ेगा साइज और स्वाद, बाजार में मिलेगी शानदार कीमत
अगर आप अमरूद की खेती से बेहतर मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह तरीका आपके लिए बहुत काम का है। बरसात के शुरुआती फलों को हटाकर आप अमरूद की क्वालिटी को कई गुना बेहतर बना सकते हैं।
किसानों के लिए बड़ी राहत: बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने बनाई अनोखी स्प्रे मशीन, 25 फीट तक होगा छिड़काव
बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी ने किसानों के लिए एक उन्नत बैटरी चालित स्प्रे मशीन विकसित की है, जिससे कीटनाशक और खाद का छिड़काव आसान हो गया है। यह मशीन 15,000 रुपये की किफायती कीमत पर उपलब्ध है और 25 फीट की दूरी तक छिड़काव करने में सक्षम है।
मानसून पर भरोसा घटा! अतिवृष्टि और सूखे से फसल बचाने की यह नई बुवाई तकनीक अपनाएं
लगातार बदलते मौसम के बीच किसानों को बारिश और सूखे दोनों की मार झेलनी पड़ रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार ऊंची क्यारी-नाली और चौड़ी क्यारी-नाली पद्धति अपनाकर फसल को इस दोहरी मार से बचाया जा सकता है और उत्पादन भी बढ़ाया जा सकता है।