उपनाम: घास की झोपड़ी
फरीदाबाद में मिथिला समाज की जीवंत परंपरा, घास की झोपड़ी में पूरे होते हैं मृत्यु के बाद के संस्कार
फरीदाबाद के सेक्टर-8 स्थित मिथिलांचल काली मंदिर में 70 वर्षीय पूरण मंडल घास, बांस और मूंज की रस्सियों से वह झोपड़ी तैयार करते हैं, जिसमें मिथिला समाज मृत्यु के बाद के सभी धार्मिक रीति-रिवाज निभाता है। पिछले 20 वर्षों से यह काम कर रहे पूरण मंडल इस सदियों प...
0
0
0
3 घंटे पहले