उपनाम: फरीदाबाद समाचार
फरीदाबाद में किराए का घर तलाश रहे हैं तो पहले जान लें हर इलाके का हाल और बजट
फरीदाबाद में काम या पढ़ाई के सिलसिले में शिफ्ट होने वाले लोगों के लिए रेजिडेंशियल इलाकों और वहां के किराये की विस्तृत जानकारी यहाँ उपलब्ध है। कम बजट से लेकर सुख-सुविधाओं वाले फ्लैट तक की पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
फरीदाबाद: बल्लभगढ़-सोहना रेलवे पुल बना हादसों का सबब, परसों हुई मरम्मत और आज फिर उखड़ गई सड़क
फरीदाबाद में बल्लभगढ़-सोहना रेलवे ओवरब्रिज की हालत बदहाल हो चुकी है, जहां बार-बार होने वाला अस्थाई पैचवर्क कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है और गहरे गड्ढों के कारण रोजाना राहगीर चोटिल हो रहे हैं।
फसल कोई और, सरकारी कागज में कोई और: फरीदाबाद के दयालपुर गांव में किसानों को क्यों नहीं मिल रही बाजरे पर सब्सिडी?
हरियाणा के फरीदाबाद जिले के दयालपुर गांव के किसानों ने सरकारी अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि खेतों में बाजरा बोने के बावजूद सरकारी फाइलों में धान दर्ज कर दिया जाता है, जिससे उन्हें प्रति एकड़ मिलने वाली 7 हजार रुपये की सब्सिडी नहीं मिल...
फरीदाबाद के मंझावली में यमुना पुल निर्माण से बढ़ी किसानों की परेशानी, बारिश के पानी से डूबा खेतों का रास्ता
फरीदाबाद के मंझावली गांव में यमुना पुल निर्माण के बाद ठेकेदार की लापरवाही और बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, जिससे खेतों को जाने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।
फरीदाबाद की सपेरा बस्ती में नारकीय हालात: नालियां न होने से सड़कों पर बह रहा गंदा पानी, बारिश में बढ़ता है जहरीले सांपों का खौफ
फरीदाबाद के सोतई गांव के पास स्थित सपेरा बस्ती के लोग बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जी रहे हैं। बारिश के दिनों में नालियां न होने से हर तरफ गंदगी और कीचड़ फैल जाता है, जिससे घरों में जहरीले सांप घुसने का खतरा बढ़ गया है।
कमाई के बाद भी घर में नहीं टिकता पैसा? कहीं आप भी तो नहीं करते बाथरूम से जुड़ी यह बड़ी गलती
वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात या दिन के समय बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ने से घर में धन की हानि होती है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।
फरीदाबाद में DAP खाद का गंभीर संकट: 12 घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी किसान खाली हाथ, जबरन बेचा जा रहा सरसों का तेल
हरियाणा के फरीदाबाद में धान की बुवाई के समय DAP खाद की भारी किल्लत हो गई है, जहां किसानों को सरकारी दाम पर खाद न देकर ब्लैक में खरीदने और जबरन दूसरे कृषि उत्पाद लेने पर मजबूर किया जा रहा है।