उपनाम: डीएसआर तकनीक
कम बारिश में भी लहलहाएगी धान की फसल, जानिए ध्रुव कुमार का सफल फॉर्मूला
जमुई के एक प्रगतिशील किसान ने धान की खेती के लिए खास तकनीक साझा की है, जिससे कम पानी और कम बारिश के बीच भी बंपर पैदावार हासिल की जा सकती है।
धान की सीधी बुआई तकनीक: कम लागत में अधिक मुनाफे का अचूक फार्मूला, कृषि वैज्ञानिक से समझें पूरी प्रक्रिया
धान की खेती में आने वाली भारी लागत और मेहनत से परेशान किसानों के लिए डीएसआर यानी डायरेक्ट सीडेड राइस एक बेहतरीन विकल्प है। कृषि वैज्ञानिक सौरभ शंकर पटेल ने इस आधुनिक तकनीक के जरिए खेती को आसान और किफायती बनाने के तरीके बताए हैं।
पानी की कमी के बीच भी ले सकते हैं धान की भरपूर पैदावार, बुआई के लिए एक्सपर्ट ने बताए खास तरीके
मानसून की बेरुखी और कम बारिश के कारण धान की खेती को लेकर किसान चिंतित हैं, लेकिन कृषि वैज्ञानिकों ने कम पानी में भी बेहतर उपज प्राप्त करने के लिए डीएसआर (DSR) तकनीक और वैकल्पिक फसलों का सुझाव दिया है।
पानी की बचत और कम खर्च: धान की सीधी बिजाई की इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों के पास बचा है थोड़ा ही समय
हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर और बढ़ती खेती लागत को देखते हुए कृषि विभाग किसानों को धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है, जिस पर 4500 रुपये प्रति एकड़ की सहायता दी जा रही है। अनुदान के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 जून है।
धान की सीधी बुवाई: न रोपाई की मेहनत, न पानी की बर्बादी, किसानों को मिलेगा बंपर मुनाफा
खरीफ सीजन में किसान पारंपरिक रोपाई छोड़कर धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) अपना रहे हैं, जिससे पानी, लागत और मजदूरी में बचत होती है। विशेषज्ञों के मुताबिक बुवाई से पहले सही बीज दर और बीज उपचार से उत्पादन बढ़ता है।