उपनाम: आत्मनिर्भर महिलाएं
बहराइच के जंगलों की बेकार समझी जाने वाली चीजों से बन रहे खास उत्पाद, बाजार में जबरदस्त मांग
बहराइच के कतर्नियाघाट जंगल से सटे गांवों में थारू जनजाति की महिलाएं घास, जलकुंभी, मूंज और फसलों के अवशेष जैसी बेकार चीजों से उपयोगी और आकर्षक सामान बनाकर अच्छी कमाई कर रही हैं। इनके बनाए उत्पादों की बाजार में खूब मांग है।
गोबर से बनी आत्मनिर्भरता: महिला समूह को मिला 6 लाख रुपये के कंडों का बड़ा ऑर्डर
बालोद जिले के बघमरा गांव की जय कपिलेश्वर स्वयं सहायता समूह की 24 महिलाओं को रायपुर की एक संस्था से करीब 6 लाख रुपये का कंडे बनाने का ऑर्डर मिला है, जिससे उन्हें रोजगार और अच्छी आमदनी दोनों मिल रहे हैं।
घर की चारदीवारी से निकलकर बनीं उद्यमी, चौलाई के लड्डुओं से आत्मनिर्भर हुईं मुरादाबाद की महिलाएं
मुरादाबाद के 'मां शारदा स्वयं सहायता समूह' से जुड़ीं 10 महिलाएं चौलाई के लड्डू बनाकर हर महीने लाखों का मुनाफा कमा रही हैं और हर सदस्य 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही है।
खंडवा में बतख पालन और एक्वा पार्क से बदली तस्वीर, 160 महिलाओं को मिला रोजगार का नया रास्ता
खंडवा जिले की नई पहल ग्रामीण और आदिवासी महिलाओं के लिए उम्मीद बनकर उभरी है। बतख पालन और एकीकृत एक्वा मॉडल के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अंडों से कमाई की तैयारी कर रही हैं।