राष्ट्रीय राजनीति
5 घंटे पहले
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विचारों
झुंझुनूं की मिट्टी से निकलकर राजनीति तक का सफर
एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव रितु बराला राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बारी का बास गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह बराला एक किसान हैं। रितु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई और छात्र जीवन की शुरुआत जयपुर से की। उन्होंने जयपुर के महारानी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की, जहां उनकी सक्रियता के कारण वह वर्ष 2018 में छात्रसंघ अध्यक्ष चुनी गईं।
बहुआयामी व्यक्तित्व और खेल में उपलब्धि
राजनीति के अलावा रितु का बैकग्राउंड खेल और अनुशासन से भी जुड़ा रहा है। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो खिलाड़ी रह चुकी हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने एनसीसी कैडेट के तौर पर भी अपनी पहचान बनाई है। खेल और अनुशासन के इसी अनुभव ने उन्हें छात्र राजनीति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। वर्ष 2022 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एनएसयूआई के टिकट पर अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी।
पुलिस हिरासत और राहुल गांधी की टिप्पणी
हाल ही में दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान रितु बराला सुर्खियों में आईं। प्रदर्शन के दौरान रितु ने पुलिस पर हिरासत में मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया था। इस मामले ने राजनीतिक गलियारों में तूल पकड़ लिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने रितु की बहादुरी और साहस की जमकर तारीफ की। राहुल गांधी ने उनके कंधे पर हाथ रखकर उपस्थित लोगों से कहा कि रितु एक शेरनी हैं, जिसके बाद से ही उनकी चर्चा हर तरफ हो रही है।
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