वैशाली: 'ऊपर तक पैसा जाता है' वाले वायरल ऑडियो पर एसएसपी का कड़ा एक्शन, दो पुलिसकर्मी निलंबित बिहार एक घंटा पहले 6
बिहार के वैशाली जिले में पुलिसकर्मियों का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है, जिसमें थाने से अपराधियों को छोड़ने के बदले रिश्वत लेने की बात कही गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने दो पुलिस अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की है।

वायरल ऑडियो से मचा हड़कंप

बिहार के वैशाली जिले से पुलिस विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पुलिसकर्मी का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस महकमे के भीतर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर संकेत दिए गए हैं। ऑडियो में पुलिसकर्मी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि थाने से अपराधियों को छोड़ने के लिए ली गई रकम का हिस्सा ऊपर के अधिकारियों तक पहुंचता है। इस ऑडियो के सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

एसएसपी की त्वरित कार्रवाई

वायरल ऑडियो की संज्ञान लेते हुए वैशाली के वरीय पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच करवाई। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने महुआ थाने के अपर थानाध्यक्ष सोनू गुप्ता और पीएसआई दीनबंधु कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आरोपों के मुताबिक, महुआ थाने में पदस्थापित ये पुलिसकर्मी रुपये लेकर आरोपियों को थाने से छोड़ रहे थे, जो कि पुलिस सेवा के नियमों का गंभीर उल्लंघन है।

ऑडियो में क्या-क्या खुलासे हुए

वायरल ऑडियो में पीएसआई दीनबंधु कुमार को खुलेआम पैसे के लेनदेन के बारे में बातचीत करते सुना जा सकता है। बातचीत में केवल अपराधियों को छोड़ने ही नहीं, बल्कि शराब और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को संरक्षण देने जैसी गंभीर बातें भी सामने आई हैं। ऑडियो के जरिए इस बात का भी दावा किया जा रहा है कि अवैध वसूली गई रकम को अलग-अलग स्तरों पर अधिकारियों के बीच साझा किया जाता है। हालांकि, यह ऑडियो अभी जांच के दायरे में है और इसकी प्रमाणिकता की पुष्टि होनी बाकी है।

पहले भी पीएसआई पर लगे थे गंभीर आरोप

निलंबित किए गए पीएसआई दीनबंधु कुमार का विवादों से पुराना नाता रहा है। महुआ निवासी और हीरो फिनकॉर्प के कलेक्शन एजेंट प्रिंस कुमार ने इससे पहले भी उन पर गंभीर आरोप लगाए थे। प्रिंस कुमार का कहना है कि 27 सितंबर को उनकी बिना नंबर की बाइक को रोककर उन्हें थाने लाया गया था। आरोप है कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई और उनकी कंपनी का पहचान पत्र तोड़ दिया गया। पीड़ित ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने उनसे 25 हजार रुपये की मांग की थी और बाद में 20 हजार रुपये लेकर उन्हें छोड़ा गया। इस घटना की शिकायत प्रिंस कुमार ने सबूतों के तौर पर कॉल रिकॉर्डिंग की पेन ड्राइव सौंपकर महुआ के एसडीपीओ से की थी।

जिले में पुलिस की साख पर सवाल

वैशाली में पुलिस की कार्यशैली पर यह पहली बार सवाल नहीं उठे हैं। इससे पहले महनार थाने में भी ऐसी ही एक बड़ी कार्रवाई की गई थी, जहां पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर थानाध्यक्ष समेत कुल 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। अब महुआ थाने में हुई इस नई कार्रवाई ने जिले में पुलिस के कामकाज को लेकर आम लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं छेड़ दी हैं। फिलहाल, एसएसपी ने दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर आगे की विभागीय जांच शुरू कर दी है, जिसके पूरा होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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