2.31 करोड़ रुपये के भारी जुर्माने के कारण विदेश में फंसे पिता, बेटी दीपिका नौटियाल की भावुक अपील पर लोगों ने खोला मदद का खजाना उत्तराखंड 3 घंटे पहले 8
उत्तरकाशी की रहने वाली दीपिका नौटियाल ने विदेश में फंसे अपने पिता की वतन वापसी के लिए लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, जिसके बाद जनता ने बढ़-चढ़कर आर्थिक सहायता की है।

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से इंसानियत और एकजुटता की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। यहां की रहने वाली एक बेटी दीपिका नौटियाल की भावुक अपील के बाद उसके पिता की वतन वापसी की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। दीपिका के पिता पिछले 8 साल से विदेश में फंसे हुए हैं और उन पर भारतीय मुद्रा के अनुसार करीब 2 करोड़ 31 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगा है। इस संकट की घड़ी में जब बेटी ने अपने पिता को वापस लाने के लिए लोगों से मदद मांगी, तो पूरा समाज उसकी मदद के लिए उठ खड़ा हुआ।

बेटी की पुकार पर उमड़ा जनसैलाब

पिता को वापस लाने की जंग में दीपिका अकेली नहीं रहीं। उनकी इस मार्मिक अपील ने उत्तरकाशी के लोगों के दिलों को छू लिया, जिसके बाद हर गांव और हर घर से लोग मदद के लिए आगे आने लगे। देखते ही देखते इस मुहिम ने एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया। लोगों के इस भारी समर्थन का नतीजा यह हुआ कि अब दीपिका के पास अपने पिता को वापस लाने के लिए तय किए गए लक्ष्य से भी अधिक की धनराशि जमा हो चुकी है। इस मानवीय पहल ने साबित कर दिया है कि आज भी समाज में सहानुभूति और इंसानियत जिंदा है।

'हेल्पिंग हैंड, फिर दीपिका' मुहिम की शुरुआत

इस पूरे अभियान को व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी पूरा जोर लगाया। सामाजिक कार्यकर्ता अनमोल बिष्ट और सुरजीत ने मिलकर बीती 15 सितंबर से एक खास मुहिम की शुरुआत की थी, जिसे ‘हेल्पिंग हैंड, फिर दीपिका’ नाम दिया गया। इस मुहिम के तहत लोगों से आर्थिक सहयोग की अपील की गई ताकि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके।

आंकड़ों में समझिए कितनी मिली मदद

इस मुहिम के जरिए कम समय में ही एक बड़ी मदद राशि जुटाई गई है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • इस विशेष अभियान में अब तक कुल 102 लोगों ने अपनी इच्छा से वित्तीय योगदान दिया है।
  • इस संयुक्त प्रयास के जरिए कुल 86 हजार 647 रुपये की सहायता राशि एकत्र कर सीधे दीपिका को सौंप दी गई।
  • इसके अलावा, व्यक्तिगत और विभिन्न सामाजिक स्तरों पर भी लोगों ने लगातार दीपिका के पिता की सुरक्षित घर वापसी के लिए अपने हाथ आगे बढ़ाए हैं।

आठ वर्षों का लंबा इंतजार होगा खत्म

दीपिका के पिता पिछले आठ वर्षों से अपने परिवार से दूर किसी दूसरे देश में फंसे हुए हैं। इतने बड़े जुर्माने की रकम चुकाना किसी भी मध्यमवर्गीय परिवार के बस की बात नहीं थी। लेकिन उत्तरकाशी के ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के इस सामूहिक प्रयास ने नामुमकिन को भी मुमकिन बना दिया है। लोगों द्वारा जुटाए गए इस सहयोग के बाद अब वह दिन दूर नहीं जब दीपिका के पिता वापस अपने घर लौट सकेंगे और उनका वर्षों पुराना इंतजार खत्म होगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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