उत्तराखंड में गुटखा और पान मसाला पर एक साल का पूर्ण प्रतिबंध, निर्माण से बिक्री तक सब कुछ बंद भारत 2 घंटे पहले 3
उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए राज्य में तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पादों पर एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है।

उत्तराखंड में गुटखा और पान मसाला पर सख्ती

उत्तराखंड के निवासियों और इन उत्पादों का सेवन करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार है। राज्य सरकार ने जनस्वास्थ्य की रक्षा और तंबाकू के दुष्प्रभावों को नियंत्रित करने के लिए कड़ा निर्णय लिया है। उत्तराखंड में अब अगले एक साल तक गुटखा और पान मसाला के किसी भी प्रकार के निर्माण, बिक्री या उत्पादन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस अवधि के दौरान राज्य की सीमा के भीतर इन उत्पादों का न तो कारोबार किया जा सकेगा और न ही इनका भंडारण किया जा सकेगा।

प्रतिबंध के पीछे का मुख्य कारण

तंबाकू और निकोटिन जैसे हानिकारक तत्वों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने स्पष्ट किया है कि निकोटिन युक्त गुटखा और पान मसाला जैसे खाद्य उत्पादों पर रोक लगाने का फैसला आम जनता के स्वास्थ्य को बचाने के लिए लिया गया है। इस आदेश के अनुसार, राज्य में किसी भी ऐसे उत्पाद की बिक्री, भंडारण या निर्माण की अनुमति नहीं होगी जिसमें तंबाकू या निकोटिन का मिश्रण मौजूद हो। यह प्रतिबंध 13 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक रूप से प्रभावी माना जाएगा।

प्रशासन का आदेश और निर्देश

इस महत्वपूर्ण आदेश को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी किया गया है। सरकारी मंशा स्पष्ट है कि राज्य में इन प्रतिबंधित उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह तोड़ा जाए ताकि विशेष रूप से युवा पीढ़ी को इनकी लत से बचाया जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि आदेश का पालन न करने वाले व्यापारियों, वितरकों और निर्माताओं पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कानूनी आधार और प्रतिबंध का दायरा

यह प्रतिबंध पूरी तरह से खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत लगाया गया है। इसमें अधिनियम की धारा 26, धारा 30(2) और धारा 92 का संदर्भ दिया गया है। साथ ही, खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 की शर्तों को भी इसमें शामिल किया गया है। प्रतिबंध के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • तंबाकू या निकोटिन मिश्रित किसी भी खाद्य पदार्थ का निर्माण करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
  • इन उत्पादों का भंडारण करना या गोदामों में जमा करके रखना कानूनन अपराध होगा।
  • राज्य के किसी भी बाजार या दुकान पर इनका वितरण और बिक्री नहीं की जा सकेगी।
  • अलग-अलग या मिलाकर बेचे जाने वाले निकोटिन उत्पादों पर भी यह रोक लागू रहेगी।

तंबाकू के सेवन से होने वाले मुंह के कैंसर और अन्य गंभीर मसूड़ों की बीमारियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग और संबंधित प्रवर्तन एजेंसियां अब यह सुनिश्चित करेंगी कि नियमों का उल्लंघन न हो। गौरतलब है कि इससे पूर्व ओडिशा में भी तंबाकू और गुटखा उत्पादों पर इसी तरह की पूर्ण पाबंदी लगाई जा चुकी है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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