यूक्रेन पर अमेरिका की दोहरी मार: रूस से तेल खरीद और एलन मस्क का बड़ा झटका विश्व एक घंटा पहले 4
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अमेरिका ने अपनी नीति में बड़ा बदलाव करते हुए रूस से तेल खरीदना शुरू कर दिया है, वहीं एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने यूक्रेन में इंटरनेट की गति धीमी कर दी है जिससे वहां के सैन्य अभियान प्रभावित हुए हैं।

अमेरिका की नीति में यू-टर्न

यूक्रेन के लिए स्थिति बेहद गंभीर होती जा रही है क्योंकि उसे अमेरिका की तरफ से एक साथ दो बड़े झटके लगे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को अधर में लटकाते हुए रूस के साथ तेल व्यापार का समझौता कर लिया है। अब तक अमेरिका पूरी दुनिया को यह उपदेश देता रहा था कि जो भी देश रूस से तेल खरीद रहे हैं, वे अप्रत्यक्ष रूप से रूसी युद्ध प्रयासों को वित्तपोषित कर रहे हैं। हालांकि, अब अमेरिका खुद उन खरीदारों की सूची में शामिल हो गया है।

स्टारलिंक की इंटरनेट स्पीड पर कैंची

यूक्रेन को दूसरा बड़ा झटका एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक से लगा है। कंपनी ने यूक्रेन के भीतर इंटरनेट की गति को काफी कम कर दिया है, जिसका सीधा असर यूक्रेनी सेना की कार्यक्षमता पर पड़ रहा है। इंटरनेट धीमा होने के कारण मिलिट्री-ग्रेड सैटेलाइट टर्मिनल ठप पड़ गए हैं। इन टर्मिनलों का इस्तेमाल यूक्रेन अपने ड्रोन्स को नियंत्रित करने और एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय रखने के लिए करता था। इस तकनीकी बाधा ने यूक्रेन की आक्रामक क्षमता और रक्षा प्रणाली दोनों को कमजोर कर दिया है, जिससे रूसी हमलों का मुकाबला करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।

जेलेंस्की का दर्द और अमेरिका की गद्दारी

यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने जब इस मुद्दे पर एलन मस्क से बात की, तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि SpaceX की मिलिट्री सैटेलाइट सर्विस 'स्टारशील्ड' पर प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश के बाद ही लगाए गए हैं। यह पूरी तरह से अमेरिकी प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है। इस स्थिति से जेलेंस्की बेहद नाराज हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की इस विश्वासघात भरी नीति से हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ गई है। जेलेंस्की ने इसे स्पष्ट रूप से एक बहुत बड़ा धोखा बताया है और कहा है कि ऐसे कठिन समय में इंटरनेट सेवा को बाधित करना एक बड़ी रणनीतिक भूल है।

तेल सौदे और वैश्विक आश्चर्य

दुनिया इस बात से हैरान है कि जिस ट्रंप ने यूक्रेन को पूरा समर्थन देने का वादा किया था, वे अब उसी के खिलाफ रुख अपना रहे हैं। एक समय था जब ट्रंप रूस से तेल खरीदने के कारण भारत और चीन जैसे देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी देते थे, लेकिन अब वे स्वयं रूस से तेल का आयात कर रहे हैं। गौरतलब है कि ट्रंप के साथ डीजल की डील संपन्न होने के तुरंत बाद रूस ने यूक्रेन पर भीषण हवाई हमला किया था, जिसमें 20 लोगों की जान जाने की खबर है। यह घटनाक्रम वैश्विक राजनीति में अमेरिका की विश्वसनीयता पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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