हिमाचल के ऊना अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत पर भारी बवाल, डॉक्टरों पर लापरवाही के गंभीर आरोप हिमाचल प्रदेश 4 घंटे पहले 2
हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। पीड़ित परिवार दोषी डॉक्टर को निलंबित करने की मांग कर रहा है।

हिमाचल प्रदेश के ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में एक बेहद दुखद और तनावपूर्ण घटना सामने आई है। यहाँ प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल परिसर रणक्षेत्र में बदल गया। इस घटना ने कुल्लू अस्पताल के बहुचर्चित मंजू शर्मा मामले की यादें ताजा कर दी हैं, जहाँ कथित तौर पर चिकित्सा लापरवाही के कारण एक प्रसूता की जान चली गई थी। ऊना में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद पीड़ित परिवार और उनके समर्थकों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वे इलाज करने वाली महिला डॉक्टर को तुरंत निलंबित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। अस्पताल में बिगड़ते माहौल और तनाव को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

अस्पताल परिसर में चार घंटे तक चला भारी प्रदर्शन

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने क्षेत्रीय अस्पताल के परिसर में जमकर हंगामा किया। यह विरोध प्रदर्शन लगभग चार घंटे से अधिक समय तक लगातार चलता रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को तुरंत दखल देना पड़ा। उपमंडल अधिकारी (SDM) और पुलिस अधीक्षक (SP) सचिन हीरामठ खुद भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वे प्रदर्शनकारी परिजनों को समझाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश में जुटे रहे। पीड़ित परिवार अपनी मांगों को लेकर अड़ा रहा और उनका कहना था कि जब तक दोषी चिकित्सक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं की जाती, वे पीछे नहीं हटेंगे।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुई मौत?

मृतक महिला की पहचान रीना के रूप में हुई है, जो ऊना के अपर अरनियाला की रहने वाली थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद रीना को 7 अक्तूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह पिछले चार दिनों से अस्पताल में उपचाराधीन थी। शुक्रवार, यानी 9 अक्तूबर 2026 को महिला को प्रसव के लिए मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य (MCH) परिसर के भीतर स्थित मुख्य ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। ऑपरेशन थिएटर में ले जाने के कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने जच्चा और बच्चा दोनों को मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाहर आते ही परिवार में कोहराम मच गया और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

पीड़ित पति ने लगाए इलाज में कोताही के आरोप

रीना की मौत के बाद अस्पताल के बाहर विलाप करते हुए परिजनों ने सीधे तौर पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। मृतका के पति ने बताया कि उनकी पत्नी को चार दिन पहले बेहद सामान्य हालत में अस्पताल लाया गया था। उन्होंने अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा कि:

  • शुक्रवार सुबह तक रीना पूरी तरह से स्वस्थ और ठीक थी।
  • अचानक डॉक्टर ने आकर उन्हें सूचित किया कि गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल की धड़कन बंद हो गई है।
  • इसके तुरंत बाद डॉक्टर रीना को ऑपरेशन थिएटर के अंदर ले गए, जहाँ कुछ ही देर बाद दोनों की मौत की खबर दे दी गई।

पति का स्पष्ट आरोप है कि डॉक्टरों की गंभीर लापरवाही और सही समय पर उचित इलाज न मिलने की वजह से ही जच्चा और बच्चा दोनों की जान चली गई।

अस्पताल प्रशासन और पुलिस का पक्ष

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए ऊना अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर संजय मनकोटिया ने बताया कि महिला को 7 अक्तूबर को भर्ती किया गया था। उन्होंने अस्पताल में हुए हंगामे की पुष्टि की और कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। अस्पताल प्रबंधन इस दुखद घटना की पूरी संवेदनशीलता के साथ जांच करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा और स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

वहीं दूसरी ओर, SP सचिन हीरामठ ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयानों और मांग के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही प्रदर्शन कर रहे परिजनों को प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) की कॉपी सौंपने की बात कही है। पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच कर रहा है ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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