व्यापार
5 घंटे पहले
3
विचारों
उबर का बड़ा फैसला
दुनिया की प्रमुख राइड-हेलिंग कंपनी उबर ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अपने वैश्विक कार्यबल में करीब 10 फीसदी की कटौती करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय का सीधा असर कंपनी के लगभग 3400 कर्मचारियों पर पड़ने की उम्मीद है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि यह कदम संगठन को अधिक सरल और चुस्त बनाने के लिए उठाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रबंधन के अनावश्यक स्तरों को कम करना और काम करने की गति को तेज करना है। हालांकि, इतने बड़े बदलाव के बावजूद उबर ने स्पष्ट किया है कि भारतीय बाजार उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण बना हुआ है।
सीईओ का संदेश और कटौती का दायरा
उबर के सीईओ दारा खोसरोशाही ने एक आधिकारिक मेमो के माध्यम से अपने कर्मचारियों को इस कटौती की सूचना दी है। मेमो में बताया गया है कि कंपनी की योजना अपनी टीम के आकार को 10 फीसदी तक सीमित करने की है। प्रभावित होने वाले अधिकांश कर्मचारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है, जबकि कुछ देशों में वहां के स्थानीय श्रम कानूनों और नियमों का पालन करते हुए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उबर की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों पर गौर करें तो कंपनी और उसकी सहायक इकाइयों में कुल 34,000 के करीब लोग कार्यरत हैं, जिसके आधार पर यह 3400 नौकरियों की कटौती तय की गई है।
क्यों लिया गया यह कठिन निर्णय?
कंपनी के प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि पिछले पांच वर्षों में उबर का राजस्व लगभग तीन गुना तक बढ़ चुका है। इस दौरान कंपनी ने वैश्विक स्तर पर अपने कारोबार और नए बाजारों में काफी विस्तार किया है। हालांकि, इस तेज विस्तार के कारण संगठन की संरचना काफी जटिल हो गई है। उबर अब प्रबंधन के अनावश्यक स्तरों को हटाकर टीमों को अधिक सरल और प्रभावी बनाना चाहती है। कंपनी छोटी माइक्रो-टीम्स को समाप्त कर रही है और मैनेजरों की जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दे रही है। कंपनी का मानना है कि इस बदलाव से फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
भारत पर प्रभाव और भविष्य की रणनीति
उबर ने यह भी स्पष्ट किया है कि भारत में मौजूद कुछ कर्मचारियों की भूमिकाएं भी इस छंटनी से प्रभावित होंगी। इसके बावजूद कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि भारत उसके लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बाजार है। कंपनी यहां अपने क्षेत्रीय संचालन को और अधिक मजबूत करने के साथ ही एशिया-प्रशांत क्षेत्र में मोबिलिटी कारोबार को विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है। उबर भारत में स्थानीय स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने और अपने राइडर्स व ड्राइवर्स के लिए सेवाओं को अधिक बेहतर बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित रखेगी।
दफ्तर से काम करने की नई नीति
छंटनी की घोषणा के साथ ही उबर ने अपने कामकाज के तौर-तरीकों में भी बदलाव किए हैं। कंपनी अब अपने कर्मचारियों को चुनिंदा मुख्य हब शहरों में केंद्रित करना चाहती है। अधिकांश रिमोट कर्मचारियों को वापस कार्यालय आने के लिए निर्देशित किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य है कि भविष्य में केवल 1 फीसदी कर्मचारी ही पूर्ण रूप से रिमोट काम करेंगे। शेष कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड नीति लागू की गई है, जिसके तहत उन्हें सप्ताह में तीन दिन कार्यालय आकर काम करना अनिवार्य होगा।
Comments
0 comment