मानसून में कम बजट में घूमना है? बिहार के जहानाबाद की इन पहाड़ियों का नजारा आपको मंत्रमुग्ध कर देगा जीवनशैली 2 महीने पहले 81
बरसात के मौसम में अगर आप प्रकृति की गोद में सुकून तलाश रहे हैं, तो बिहार का जहानाबाद जिला आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यहाँ की वाणावर और बनवरिया पहाड़ियां प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत का अद्भुत संगम हैं, जहाँ आप मात्र 1000 रुपये के बजट में अपनी ट्रिप पूरी कर सकते हैं।

मानसून की सैर का सही चुनाव

घूमने के शौकीन लोग अक्सर मौसम के हिसाब से अपनी यात्रा की योजना बनाते हैं। अगर आप बिहार में रहते हैं, तो आपने निश्चित रूप से राज्य के बाहर के जंगलों और पहाड़ों की सैर की होगी। हालांकि, कई पर्यटक अब अपने ही प्रदेश के जल, जंगल और झरनों को करीब से जानने में दिलचस्पी ले रहे हैं। मानसून का मौसम दस्तक दे चुका है। हालांकि कई इलाकों में अभी बारिश का इंतजार है, फिर भी हरियाली का अहसास मन को शांति देता है। ऐसे में आज हम आपको बिहार के एक ऐसे पर्यटन स्थल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो न केवल आपकी यात्रा को यादगार बनाएगा, बल्कि आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगा। आप बमुश्किल 1000 रुपये के खर्च में अपनी यात्रा का आनंद ले सकते हैं। हम बात कर रहे हैं ऐतिहासिक जहानाबाद जिले की, जो राजधानी पटना से महज 45 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

वाणावर की ऐतिहासिक पहाड़ी

जहानाबाद जिले में घूमने के लिए वैसे तो कई स्थान हैं, लेकिन अगर आप पहाड़ों की सैर करना पसंद करते हैं, तो वाणावर की पहाड़ी आपकी पहली पसंद होनी चाहिए। यह स्थान अपनी ऐतिहासिकता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। वाणावर पहाड़ की चोटी पर एक अत्यंत प्राचीन शिव मंदिर स्थित है। सावन के पवित्र महीने में यहाँ लाखों श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। ऐतिहासिक दृष्टि से इस पहाड़ी का विशेष महत्व है क्योंकि यहाँ की गुफाओं का निर्माण स्वयं सम्राट अशोक ने आजीवक संप्रदाय के लोगों के लिए करवाया था।

पर्यटकों की सुविधा के लिए इस स्थान पर लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं। अब पहाड़ की ऊंची चोटी तक पहुंचने के लिए रोप वे का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसके शुरू होने का इंतजार है। इसके अलावा, पहाड़ के ऊपर तक जाने के लिए राजस्थानी पत्थरों से बना एक सुगम मार्ग भी मौजूद है। सेल्फी लेने के शौकीन लोगों के लिए यहाँ कई खास पॉइंट्स बनाए गए हैं। जिला मुख्यालय से यह स्थान 23 किलोमीटर की दूरी पर है और मखदुमपुर इसका सबसे नजदीकी शहर है। पर्यटक यहां निजी या व्यावसायिक वाहनों से आसानी से पहुंच सकते हैं।

बनवरिया पहाड़ का अद्भुत अनुभव

वाणावर के अलावा, जहानाबाद का बनवरिया पहाड़ भी पर्यटकों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है। बरसात के दिनों में यहाँ का दृश्य बेहद मनमोहक होता है। यदि आप चढ़ाई करके पहाड़ की चोटी पर पहुंच जाएं, तो वहां से कलकल करती नदियां और चारों ओर फैला घना जंगल दिखाई देता है, जो दिल को सुकून पहुंचाता है। हालांकि, चोटी तक पहुंचने के लिए बना सीढ़ी का मार्ग बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है, इसलिए ऊपर चढ़ते समय पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। फिर भी, जो लोग रोमांच के शौकीन हैं, उनके लिए यह जगह किसी एडवेंचर से कम नहीं है।

बनवरिया पहाड़ तक पहुंचने के लिए आप हुलासगंज प्रखंड के रास्ते या फिर घोसी से नहर के किनारे वाले रास्ते से जा सकते हैं। जहानाबाद जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर स्थित यह सफर मानसून में काफी आनंददायक होता है। रास्ते भर की हरियाली और प्राकृतिक वातावरण आपकी थकान मिटा देने के लिए काफी है।

सफर और बजट से जुड़ी जानकारी

कुल मिलाकर, वाणावर और बनवरिया दोनों ही जगहें मानसून में घूमने के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन हैं। दोनों ही स्थानों की अपनी अलग खासियत है। जहां वाणावर आपको इतिहास के पन्नों और आस्था से जोड़ता है, वहीं बनवरिया आपको प्रकृति के बेहद करीब ले जाता है। यदि आप एक व्यवस्थित योजना के साथ यात्रा करते हैं, तो दोनों जगहों के अनुभव को आप 1000 रुपये के बजट में समेट सकते हैं। यह ट्रिप उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त है जो कम समय और कम खर्च में एक यादगार छुट्टी बिताना चाहते हैं। जहानाबाद की ये पहाड़ियां अपनी हरियाली और शांत नजारों से पर्यटकों का दिल जीतने में पूरी तरह सक्षम हैं। इस मानसून, अगर आप शहर की भीड़भाड़ से दूर कहीं जाने का मन बना रहे हैं, तो जहानाबाद के इन पहाड़ी इलाकों की सैर जरूर करें।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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