यूट्यूब वीडियो देखकर घर पर डिलीवरी करना पड़ा भारी, 32 वर्षीय महिला की गई जान भारत 2 महीने पहले 116
तमिलनाडु के तिरुपुर में इंटरनेट पर वीडियो देखकर बिना चिकित्सकीय देखरेख के प्रसव कराने की कोशिश एक महिला के लिए जानलेवा साबित हुई। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण कोयंबटूर के एक अस्पताल में महिला की मृत्यु हो गई।

घटना का विवरण

तमिलनाडु के तिरुपुर जिले से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक 32 साल की महिला की घर पर प्रसव कराने की कोशिश के दौरान हुई जटिलताओं के कारण रविवार 28 जून, 2026 को मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला ने 24 जून को अपने घर पर ही एक बच्ची को जन्म दिया था। इस पूरी प्रक्रिया में उसके पति ने कथित तौर पर YouTube पर प्रसव से जुड़े वीडियो देखकर मदद की थी।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, उथुकुली तालुका के पुंजईथलावाइपालयम की रहने वाली के. शशिकला को प्रसव के बाद स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं हुईं, जिसके बाद उन्हें कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। दुर्भाग्यवश, उपचार के दौरान रविवार सुबह उनकी मृत्यु हो गई। महिला को 24 जून की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हुई थी। उनके 35 वर्षीय पति कोलंदचामी और उनकी सास ने घर पर ही प्रसव की प्रक्रिया को अंजाम दिया। माना जा रहा है कि उन्होंने बिना किसी डॉक्टर की मदद के, केवल YouTube पर नैचुरल चाइल्डबर्थ से संबंधित वीडियो देखकर यह जोखिम उठाया।

मृत्यु का कारण और मेडिकल जटिलताएं

बच्ची के जन्म के तुरंत बाद सबसे बड़ी समस्या तब खड़ी हुई जब प्लेसेंटा यानी गर्भनाल शरीर से बाहर नहीं निकल पाई। इस वजह से महिला को पोस्ट-पार्टम हैमरेज की गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसमें शरीर से अत्यधिक रक्तस्राव होने लगता है। उन्हें सबसे पहले पेरनदुरई स्थित सरकारी इरोड मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने के कारण 25 जून को उन्हें कोयंबटूर के एक निजी अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। अंततः तमाम कोशिशों के बावजूद महिला को बचाया नहीं जा सका।

पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

कुन्नथुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर उथुकुली पुलिस ने पति कोलंदचामी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। यद्यपि महिला का परिवार किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं दर्ज कराना चाहता था, लेकिन प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनन कार्रवाई शुरू की है। परिजनों ने बताया कि दंपत्ति ने पहले ही घर पर नैचुरल डिलीवरी की योजना बना ली थी।

क्यों लिया गया जोखिम भरा फैसला?

मिली जानकारी के अनुसार, इस दंपत्ति की एक 6 साल की बेटी पहले से है। घर वालों ने बताया कि वर्ष 2020 में जब पहली बच्ची का जन्म हुआ था, तब शशिकला का सी-सेक्शन ऑपरेशन हुआ था, जिससे उन्हें उबरने में काफी समय लगा और वह शारीरिक कष्ट से गुजरी थीं। उस ऑपरेशन के ट्रॉमा के कारण दंपत्ति ने इस बार प्राकृतिक तरीके से डिलीवरी करने का निर्णय लिया। लेकिन सबसे बड़ी भूल यह रही कि उन्होंने किसी भी प्रशिक्षित डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह लेने के बजाय केवल YouTube के वीडियो पर भरोसा किया। हालांकि बच्ची का जन्म तो हो गया, लेकिन इस लापरवाही के चलते शशिकला को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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