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2 घंटे पहले
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विचारों
राइज एंड फॉल 2 में बढ़ा तनाव
रियलिटी शो राइज एंड फॉल सीजन 2 की शुरुआत के साथ ही विवादों और बहसों का दौर शुरू हो गया है। शो में शामिल प्रतिभागियों के बीच तल्खी साफ देखी जा सकती है। इसी क्रम में अभिनेत्री स्वरा भास्कर और शहजाद पूनावाला के बीच हुई तीखी जुबानी जंग चर्चा का मुख्य केंद्र बनी हुई है। हालांकि पहले एपिसोड में सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन दूसरे एपिसोड तक आते-आते यह आपसी नोक-झोंक बड़े ड्रामे में बदल गई। बातचीत के दौरान शहजाद ने स्वरा के पति फहद अहमद का जिक्र भी छेड़ दिया, जिसके बाद स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई और दोनों ने एक-दूसरे के करियर को लेकर तल्ख टिप्पणियां कीं।
स्वरा भास्कर ने कसा राजनीतिक तंज
शो के होस्ट वीरेंद्र सहवाग ने जब शहजाद से यह सवाल किया कि वे स्वरा से बातचीत क्यों नहीं कर रहे थे, तो शहजाद ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा, 'मेरी आवाज दबाने वाला कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ है।' उनके इस बयान पर स्वरा भास्कर ने ठहाका लगाकर प्रतिक्रिया दी। शहजाद ने आगे कहा कि वे स्वरा को नजरअंदाज करते हैं। विवाद बढ़ता देख स्वरा ने कहा कि यह कोई चुनाव का मंच नहीं है। उन्होंने शहजाद के राजनीतिक सफर पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका डूबता हुआ राजनीतिक करियर इस शो से उज्ज्वल नहीं हो पाएगा।
शहजाद पूनावाला का करारा जवाब
स्वरा भास्कर की टिप्पणी का तुरंत जवाब देते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा, 'मेरे करियर की चिंता करने के बजाय आप अपने पति की चिंता करें।' स्वरा ने इस व्यक्तिगत हमले को तूल देने के बजाय इसे टालना ही बेहतर समझा। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की कीचड़-पट्टी वाली बहस में पड़ने में कोई रुचि नहीं रखती हैं। उल्लेखनीय है कि इस शो में कुल 15 कंटेस्टेंट्स ने हिस्सा लिया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों से ताल्लुक रखते हैं।
फहद अहमद के करियर पर नजर
शहजाद पूनावाला द्वारा फहद अहमद का जिक्र किए जाने के बाद दर्शकों की दिलचस्पी उनके राजनीतिक सफर में बढ़ गई है। फहद अहमद एक राजनेता हैं और समाजवादी पार्टी के पूर्व युवा नेता के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मुंबई की अणुशक्ति नगर सीट से NCP (शरदचंद्र पवार) के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में उनका मुकाबला सना मलिक से था, जो कि पूर्व मंत्री नवाब मलिक की बेटी हैं। इस मुकाबले में फहद अहमद को हार का सामना करना पड़ा था। चुनावी राजनीति में सक्रिय होने से पहले फहद विभिन्न छात्र आंदोलनों में अपनी भागीदारी के लिए काफी चर्चा में रहे थे। शहजाद का यह बयान इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
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