रावलपिंडी में श्रीलंका का ऐतिहासिक धमाका, 430 रनों का लक्ष्य हासिल कर इंग्लैंड को दी मात खेल 2 घंटे पहले 8
पाकिस्तान में खेली जा रही ट्राई सीरीज में श्रीलंका ने इंग्लैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज किया है।

श्रीलंका ने रचा नया इतिहास

पाकिस्तान की मेजबानी में जारी वनडे ट्राई सीरीज में श्रीलंका क्रिकेट टीम ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे क्रिकेट प्रशंसक लंबे समय तक याद रखेंगे। रावलपिंडी में खेले गए सीरीज के तीसरे मुकाबले में श्रीलंका ने इंग्लैंड के विशाल स्कोर को बौना साबित करते हुए 430 रनों के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया। श्रीलंका ने यह रोमांचक मुकाबला 2 विकेट से अपने नाम किया। वनडे क्रिकेट के पूरे इतिहास पर नजर डालें तो यह किसी भी टीम द्वारा किया गया दूसरा सबसे बड़ा सफल रन चेज है। मैच की शुरुआत इंग्लैंड के आक्रामक प्रदर्शन से हुई थी, जहां कप्तान हैरी ब्रूक ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 202 रनों की नाबाद पारी खेली। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी की बदौलत इंग्लैंड ने निर्धारित 50 ओवर्स में 429 रनों का स्कोर बोर्ड पर खड़ा किया था। इस पहाड़ जैसे लक्ष्य के जवाब में श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने अटूट साहस दिखाया, जिसमें पवन रत्नायके ने 130 रन और दसुन शनाका ने 97 रनों की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टीम को जीत की दहलीज तक पहुंचाया।

भारत को पीछे छोड़ बनी नंबर एक एशियाई टीम

इस जीत के साथ ही श्रीलंका ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। वनडे क्रिकेट में सबसे बड़े सफल रन चेज के मामले में श्रीलंका अब भारतीय टीम से आगे निकल गई है। इससे पहले सितंबर महीने के अंत में टीम इंडिया ने वेस्टइंडीज के खिलाफ एक वनडे मैच में 406 रनों के लक्ष्य को हासिल किया था, जो उस समय तक किसी एशियाई टीम द्वारा किया गया सबसे सफल चेज था। अब श्रीलंका ने 430 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। यदि विश्व क्रिकेट के नजरिए से देखें तो सर्वाधिक सफल रन चेज का कीर्तिमान अभी भी साउथ अफ्रीका के पास है, जिन्होंने वर्ष 2006 में जोहान्सबर्ग के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत हासिल की थी।

वनडे इतिहास के सबसे सफल रन चेज

  • साउथ अफ्रीका: 435 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया (साल 2006, जोहान्सबर्ग)
  • श्रीलंका: 430 रन बनाम इंग्लैंड (साल 2026, रावलपिंडी)
  • भारत: 406 रन बनाम वेस्टइंडीज (साल 2026, गुवाहाटी)
  • नीदरलैंड्स: 375 रन बनाम वेस्टइंडीज (साल 2023, हरारे - सुपर ओवर में जीत)
  • साउथ अफ्रीका: 372 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया (साल 2016, डरबन)

मैदान पर रनों की हुई बरसात

श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच रावलपिंडी में खेला गया यह मुकाबला केवल ऐतिहासिक जीत के लिए ही नहीं, बल्कि रनों के अंबार के लिए भी याद रखा जाएगा। इस पूरे मैच के दौरान दोनों टीमों के बल्लेबाजों ने कुल 859 रन बनाए, जो वनडे क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे अधिक रन बनने वाला मैच बन गया है। इस सूची में शीर्ष पर अभी भी साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया का वर्ष 2006 का मुकाबला है, जिसमें कुल 872 रन बने थे। इस फेहरिस्त में तीसरा स्थान भारत और श्रीलंका के बीच वर्ष 2009 में राजकोट में खेले गए मैच का है, जिसमें कुल 825 रन बने थे। वहीं, चौथे स्थान पर भारत और वेस्टइंडीज के बीच सितंबर 2026 में खेला गया मुकाबला है, जहां दोनों टीमों ने मिलकर कुल 811 रनों का योगदान दिया था। रावलपिंडी की पिच पर बल्लेबाजों के दबदबे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि आधुनिक वनडे क्रिकेट में कोई भी लक्ष्य सुरक्षित नहीं है।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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