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एक घंटा पहले
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हुंडई मोटर ग्रुप का भारत में बड़ा निवेश
दक्षिण कोरिया की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई मोटर ग्रुप ने भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूती देने के लिए एक बड़ी योजना का खुलासा किया है। कंपनी ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि वह साल 2032 तक भारतीय बाजार में 15.5 अरब डॉलर यानी करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। हुंडई ने भारत को अपनी भविष्य की वृद्धि और उभरते वैश्विक बाजारों में विस्तार के लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में चुना है। इस बड़ी योजना को लेकर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईसुन चुंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर विस्तार से चर्चा की है।
ऑटोमोबाइल सेक्टर के भविष्य पर मंथन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईसुन चुंग के बीच हुई इस बैठक में भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग की दीर्घकालिक संभावनाओं और विकास की रणनीतियों पर गहन विचार विमर्श हुआ। कंपनी के अनुसार, यह 15.5 अरब डॉलर का भारी निवेश कई अहम क्षेत्रों में खर्च किया जाएगा। इसमें मुख्य रूप से मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार, रिसर्च एंड डेवलपमेंट यानी आरएंडडी बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, और भविष्य की आधुनिक टेक्नोलॉजी का विकास शामिल है। इसके अलावा, कंपनी का लक्ष्य घरेलू सप्लायर्स को विकसित करना है ताकि कल-पुर्जों का लोकलाइजेशन किया जा सके।
निवेश के लिए बनेगी डेडिकेटेड यूनिट
इस विशाल निवेश योजना को सही दिशा देने और व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए हुंडई ग्रुप भारत में एक विशेष 'डेडिकेटेड इंवेस्टमेंट यूनिट' स्थापित करेगा। यह नई इकाई कंपनी के तमाम निवेशों, नई टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़े व्यापक इकोसिस्टम का समन्वय करेगी। साथ ही, यह यूनिट देश में स्थानीय साझेदारों की पहचान करने और घरेलू सप्लायर्स के साथ मिलकर रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाने के काम को अंजाम देगी।
भारत के प्रति प्रतिबद्धता
इस अवसर पर ईसुन चुंग ने कहा कि भारत वैश्विक स्तर पर हुंडई के लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक बाजारों में गिना जाता है। उन्होंने आगे कहा कि भारत में ग्रुप के संचालन के 30 साल पूरे हो चुके हैं और यह नया निवेश अगले 30 साल और उससे आगे के लिए देश के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को साफ तौर पर दर्शाता है। इस निवेश से न केवल भारत में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि देश के औद्योगिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
उत्पादन क्षमता और निर्यात पर नजर
वर्तमान में भारत में हुंडई ग्रुप की दो प्रमुख कंपनियां, हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड और किआ इंडिया, सक्रिय हैं। कंपनी इन दोनों इकाइयों की उत्पादन क्षमता को तेजी से बढ़ाने की योजना बना रही है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल घरेलू बाजार की बढ़ती मांग को पूरा करना है, बल्कि भारत को हुंडई के प्रमुख ग्लोबल एक्सपोर्ट हब्स यानी निर्यात केंद्रों के रूप में स्थापित करना है। फिलहाल ग्रुप के भारत में 24,000 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। इस निवेश के आने के बाद मैन्यूफैक्चरिंग, आरएंडडी, इंजीनियरिंग और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलने की पूरी उम्मीद है।
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