बांग्लादेश: जातीय पार्टी का आह्वान, सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए एकजुट हों सभी नागरिक विश्व 2 घंटे पहले 6
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान जातीय पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने विभिन्न पूजा मंडपों का दौरा किया और देश में धार्मिक सद्भाव व आपसी भाईचारे को मजबूत करने की अपील की।

दुर्गा पूजा के दौरान जातीय पार्टी का संदेश

बांग्लादेश में चल रहे दुर्गा पूजा के उत्सव के बीच जातीय पार्टी ने देश की एकता और भाईचारे पर विशेष जोर दिया है। पार्टी के अध्यक्ष बैरिस्टर अनिसुल इस्लाम महमूद और महासचिव एबीएम रुहुल अमीन हौलादार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को राजधानी ढाका के कई दुर्गा पूजा मंडपों का दौरा किया। इस दौरान नेताओं ने वहां मौजूद लोगों से मुलाकात की और सांप्रदायिक सौहार्द को देश की अखंडता के लिए अनिवार्य बताया।

सांप्रदायिक सद्भाव के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत

जातीय पार्टी के अध्यक्ष बैरिस्टर अनिसुल इस्लाम महमूद ने इस अवसर पर कहा कि बांग्लादेश की असली पहचान सभी धर्मों के लोगों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में निहित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म निजी आस्था का विषय हो सकता है, लेकिन राज्य का अस्तित्व सभी नागरिकों के लिए समान रूप से है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और समुदाय के भेदों से ऊपर उठकर आपसी सम्मान, सहनशीलता और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना समय की मांग है। उन्होंने जोर दिया कि बांग्लादेश की इस गौरवशाली परंपरा की रक्षा करना हर नागरिक का सामूहिक दायित्व है।

गुलशन-बनानी पूजा परिषद के कार्यक्रम में शामिल हुए नेता

बैरिस्टर अनिसुल इस्लाम महमूद ने ढाका के गुलशन-बनानी पूजा उद्जापन परिषद द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन विचारों को साझा किया। उन्होंने शरदकालीन दुर्गा पूजा के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि हमें ऐसे प्रयासों को और मजबूत करना होगा जिनसे रिश्तों में मिठास आए और समाज में शांति का माहौल बना रहे। उल्लेखनीय है कि जातीय पार्टी की स्थापना बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति हुसैन मुहम्मद इरशाद ने की थी और यह राजनीतिक दल देश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।

महासचिव रुहुल अमीन हौलादार ने सुरक्षा पर दिया जोर

कार्यक्रम में शामिल जातीय पार्टी के महासचिव एबीएम रुहुल अमीन हौलादार ने भी इस बात पर बल दिया कि बांग्लादेश एक ऐसा देश है जहां सांप्रदायिक सद्भाव की गहरी जड़ें हैं। उन्होंने अपनी अपेक्षा व्यक्त करते हुए कहा कि देश का हर नागरिक अपने धार्मिक त्योहारों को बिना किसी डर और बाधा के स्वतंत्र रूप से मना सके, यही एक सभ्य समाज की पहचान है।

रुहुल अमीन हौलादार ने आगे कहा कि धार्मिक त्योहार प्रेम और एकता का संदेश लेकर आते हैं। हमें मिलकर ऐसी परिस्थितियां सुनिश्चित करनी चाहिए जिनमें सभी धर्मों के लोगों की सुरक्षा, उनके मान-सम्मान और उनके अधिकारों की रक्षा हो सके। उन्होंने कहा कि त्योहारों के इस मौसम में हमें अपनी एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए देश की शांति और स्थिरता के लिए काम करना चाहिए।

राजनीतिक परिदृश्य और पृष्ठभूमि

जातीय पार्टी के ये दोनों शीर्ष नेता, बैरिस्टर अनिसुल इस्लाम महमूद और रुहुल अमीन हौलादार, अतीत में सरकार का हिस्सा भी रह चुके हैं। उन्होंने 2013 से 2018 के बीच शेख हसीना के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय एकता सरकार में विभिन्न मंत्रालयों का दायित्व संभाला था। फिलहाल, पार्टी के इन नेताओं का पूजा मंडपों में जाना और सौहार्द का संदेश देना बांग्लादेश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक वातावरण में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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