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एक घंटा पहले
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सोनीपत के जठेड़ी गांव में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
सोनीपत जिले का जठेड़ी गांव आज विशेष रूप से पुलिस की चौकसी के घेरे में है। इसकी मुख्य वजह कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जेठेड़ी का अपने घर पहुंचना है। तिहाड़ जेल में बंद काला जेठेड़ी को अदालत से विशेष राहत मिली है, जिसके तहत उसे अपनी जुड़वा बेटियों के नामकरण संस्कार में शामिल होने के लिए 5 घंटे की कस्टडी पैरोल प्रदान की गई है। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा टीम उसे कड़ी सुरक्षा के साये में तिहाड़ जेल से राई इलाके में स्थित उसके गांव जठेड़ी लेकर आएगी।
जुड़वा बेटियों के स्वागत के लिए आयोजन
गैंगस्टर काला जेठेड़ी और उसकी पत्नी अनुराधा, जिन्हें अक्सर लेडी डॉन के नाम से पहचाना जाता है, के घर कुछ समय पहले ही जुड़वा बेटियों का जन्म हुआ था। यह परिवार के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण मौका है, जिसके लिए नामकरण समारोह का आयोजन किया गया है। अदालत की आधिकारिक अनुमति मिलने के बाद ही जेल प्रशासन ने उसे इस सीमित अवधि के लिए बाहर जाने की मंजूरी दी है। यह पहली बार है जब बेटियों के जन्म के बाद काला जेठेड़ी को जेल से बाहर आने का मौका मिला है, ताकि वह अपने परिवार के साथ इस खुशी के पल में शामिल हो सके।
पुलिस की सख्त निगरानी में रहेगा कार्यक्रम
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने का निर्णय लिया है। काला जेठेड़ी के गांव में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है, जो कार्यक्रम स्थल के आसपास पूरी तरह से सक्रिय रहेंगे। दिल्ली पुलिस की टीम इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेगी, जो उसे जेल से लेकर आएगी और तय 5 घंटे की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद वापस तिहाड़ जेल पहुंचाएगी। इस दौरान काला जेठेड़ी को अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति तो होगी, लेकिन उसकी हर गतिविधि पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी। उसे पूरी तरह से पुलिस सुरक्षा के दायरे में रखा जाएगा।
बेटियों के नाम का हुआ खुलासा
इस नामकरण समारोह को लेकर परिवार में काफी उत्साह है और दोनों बेटियों के नाम भी तय कर लिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक बेटी का नाम सुहाना संदीप रखा गया है, वहीं दूसरी बेटी का नाम आहना अनुराधा रखा गया है। इन नामों को चुनने में माता और पिता दोनों के नामों का मेल किया गया है, जो इस आयोजन को और भी विशेष बनाता है।
जेल की कड़ी शर्तों के बीच पैरोल
काला जेठेड़ी लंबे समय से विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल की सजा काट रहा है। उसकी छवि और सुरक्षा के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, यह कस्टडी पैरोल बेहद सख्त शर्तों के साथ दी गई है। कार्यक्रम कुछ घंटों का ही होगा, जिसके बाद उसे वापस पुलिस अभिरक्षा में तिहाड़ जेल ले जाया जाएगा। गांव में उसकी मौजूदगी को देखते हुए स्थानीय पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखा है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
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