उपचुनावों में बीजेपी की शानदार जीत पर स्मृति ईरानी का पलटवार, कहा- लोकतंत्र ने भीड़तंत्र को हराया भारत 2 घंटे पहले 3
राज्यसभा चुनावों और उपचुनाव के परिणामों के बाद बीजेपी महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने विकास के एजेंडे को चुना है। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व के बयानों को देश के संवैधानिक संस्थानों पर हमला करार दिया।

जीत पर कार्यकर्ताओं का उत्साह

बीजेपी की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हालिया चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों की जीत से कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। स्मृति ईरानी ने पुडुचेरी में NDA प्रतिनिधि की जीत पर बधाई देते हुए इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और असम से मिल रहे ऐतिहासिक नतीजे बीजेपी के लिए संतोषजनक हैं। उन्होंने नंदीग्राम का उदाहरण देते हुए कहा कि पार्टी अच्छे शासन के वादे के साथ वहां जीत की ओर अग्रसर है। इसके साथ ही उन्होंने रेजीनगर का जिक्र करते हुए बताया कि वहां भी बीजेपी बढ़त बनाए हुए है, जबकि उस क्षेत्र में लगभग 71 प्रतिशत मतदाता अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं। असम के नगांव में भी वोटों की गिनती के रुझान पार्टी की जीत की ओर इशारा कर रहे हैं। उन्होंने इन सभी राज्यों के मतदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र ने एक बार फिर भीड़तंत्र को करारा जवाब दिया है।

कांग्रेस अध्यक्ष के बयानों पर हमला

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए 15 जनवरी, 2025 के उस बयान को याद दिलाया, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि उनकी लड़ाई बीजेपी से नहीं बल्कि भारतीय राज्य के खिलाफ है। स्मृति ने इस पर गहरी आपत्ति जताते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थान देश के लोकतंत्र की रक्षा और उसे मजबूती प्रदान करने के लिए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के राजनीतिक इतिहास में शायद ही कभी किसी नेता ने देश और उसके लोगों के खिलाफ इस तरह की आक्रामक बात कही हो। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और चर्चा का विषय बताया।

कांग्रेस सांसद पर लगाए गंभीर आरोप

स्मृति ईरानी ने कांग्रेस के एक सांसद के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि JNU में कार्यरत एक कांग्रेस सांसद पर छात्राओं ने अंकों को लेकर आरोप लगाए थे, जो आंतरिक समिति की जांच में सत्यापित भी हुए। इसके बावजूद राहुल गांधी ने इस मामले पर चुप्पी साधे रखी और कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष ने कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की। स्मृति ने आगे जोड़ा कि हाल ही में महिला पुलिस कर्मियों के साथ किए गए दुर्व्यवहार के बाद किसी भी तरह के न्याय की उम्मीद करना बेमानी है। उन्होंने अंत में यह तंज कसा कि केवल नारे गढ़ना या स्लोगन देना बहुत आसान होता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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