सीकर का 'भाईचारे वाला गांव': मुस्लिम परिवार एक भी नहीं, फिर भी हिंदू ग्रामीण कर रहे पीर बाबा की मजार की सेवा राजस्थान एक महीने पहले 21
सीकर के थोरासी खरसाडू गांव में पीर बाबा की मजार सांप्रदायिक एकता की अनूठी मिसाल है, जहां एक भी मुस्लिम परिवार न होने के बावजूद इसकी देखरेख और पूजा हिंदू ग्रामीण करते हैं।

सीकर जिले के थोरासी खरसाडू गांव में बनी पीर बाबा की मजार आज सांप्रदायिक सौहार्द की जीती-जागती मिसाल बन चुकी है। खास बात यह है कि इस गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं बसता, फिर भी मजार की पूरी देखरेख और पूजा-अर्चना यहां के हिंदू ग्रामीण ही करते हैं।

हिंदू मंदिरों जैसी परंपराएं

मजार पर ठीक वैसे ही धार्मिक रीति-रिवाज निभाए जाते हैं, जैसे हिंदू मंदिरों में होते हैं। यहां अखंड ज्योत निरंतर जलती रहती है और श्रद्धालु परिक्रमा भी लगाते हैं। भाद्रपद के महीने में मजार पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।

चढ़ावे से हो रहा गांव का विकास

मजार पर आने वाले चढ़ावे की धनराशि का उपयोग पीर बाबा सेवा समिति गांव के विकास कार्यों में करती है। इसी राशि से गांव में फुटबॉल का एक भव्य स्टेडियम तैयार किया गया है और खेल से जुड़ी अन्य सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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