भारतीय शेयर बाजार में बंपर तेजी: आईटी शेयरों की लिवाली से सेंसेक्स 580 अंक उछला, निफ्टी 24,175 के पार बंद बाज़ार 3 महीने पहले 115
घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखी गई, जहां आईटी सेक्टर के दम पर सेंसेक्स और निफ्टी भारी बढ़त के साथ बंद हुए। कच्चे तेल के दामों में कमी और रुपये की मजबूती ने भी बाजार को सहारा दिया।

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को एक बार फिर शानदार वापसी की है। लगातार उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहे निवेशकों को आज बाजार की इस बढ़त से बड़ी राहत मिली। देश के शेयर बाजारों में आज चौतरफा लिवाली का माहौल रहा, जिसके चलते बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) दोनों ही मुख्य सूचकांक हरे निशान पर बंद हुए। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद, कारोबार के अंत में सेंसेक्स करीब 580 अंक चढ़कर बंद हुआ, वहीं निफ्टी ने भी 24,175 का अहम स्तर पार कर लिया।

आंकड़ों पर नजर डालें तो बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 579.48 अंक यानी 0.75% की छलांग लगाकर 77,502.12 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 169.85 अंक यानी 0.71% की बढ़त के साथ 24,175.70 पर पहुंच गया। आज के कारोबार में कुल 2,436 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,663 शेयर गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए।

आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार रिकवरी

बाजार की इस शानदार तेजी में सबसे मुख्य भूमिका आईटी (IT) सेक्टर ने निभाई। पिछले चार कारोबारी सत्रों से लगातार गिरावट का सामना कर रहा निफ्टी आईटी इंडेक्स आज अचानक करीब 5% उछल गया। निवेशकों ने प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी दिलचस्पी दिखाई और निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी की।

मुनाफा कमाने वाले मुख्य शेयरों की बात करें तो इन्फोसिस के शेयर में करीब 3.9% की जबरदस्त बढ़त देखी गई। इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज 3.4% और टीसीएस 2.6% तक मजबूत होकर बंद हुए। इनके अलावा टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व के शेयरों में भी अच्छी खरीदारी दर्ज की गई। वहीं दूसरी तरफ, कुछ बड़ी कंपनियों जैसे मैक्स हेल्थकेयर, L&T, नेस्ले, एक्सिस बैंक और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयरों में मामूली गिरावट का रुख रहा।

किन वजहों से शेयर बाजार में आई रौनक?

गुरुवार को बाजार में आई इस तेजी के पीछे मुख्यतः तीन बड़े वैश्विक और घरेलू कारण रहे:

  • कच्चे तेल के दामों में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 1% गिरकर 70.79 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य रहने के कारण तेल की कीमतों में यह गिरावट आई है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का सस्ता होना भारतीय अर्थव्यवस्था और बाजार के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है।
  • सस्ते भाव पर आईटी शेयरों की लिवाली: हाल के दिनों में आईटी सेक्टर के शेयरों में अच्छी-खासी गिरावट देखी गई थी। इस वजह से ये शेयर आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध थे। निवेशकों ने इस मौके का फायदा उठाया और आईटी शेयरों में जमकर खरीदारी की, जिससे पूरे बाजार को ऊपर चढ़ने में मदद मिली।
  • अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत: विदेशी बाजार में सुधार और तेल की कीमतें घटने से भारतीय रुपये को भी मजबूती मिली। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे मजबूत होकर 84.90 के स्तर पर बंद हुआ। रुपये की इस मजबूती से विदेशी निवेशकों के बीच भारतीय बाजार को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ है।

कैसा रहा अन्य सेक्टर्स का हाल?

आईटी सेक्टर की इस आंधी के बीच अन्य क्षेत्रों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। बाजार में ऑटो, रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल सेक्टर के शेयरों में करीब 1% तक की बढ़त देखी गई। हालांकि, कैपिटल गुड्स, power, टेलीकॉम और पीएसयू बैंक इंडेक्स में मामूली गिरावट देखने को मिली। व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप इंडेक्स 0.5% की बढ़त के साथ और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.2% की तेजी के साथ बंद होने में सफल रहे।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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