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एक घंटा पहले
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अष्टमी की तारीख को लेकर बना हुआ है संशय
शारदीय नवरात्रि का महापर्व अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच गया है। इस पावन अवसर पर भक्त माता रानी के विविध रूपों की पूजा के बाद कन्या पूजन की तैयारियों में जुटे हैं। हालांकि, इस बार महाष्टमी और महानवमी की तिथियों को लेकर लोगों में काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। कुछ श्रद्धालु 18 अक्टूबर को महाष्टमी का पूजन करने की योजना बना रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग 19 अक्टूबर को अष्टमी मनाना उचित मान रहे हैं।
ज्योतिषाचार्य ने बताया कब करें पूजन
तिथियों के इस भ्रम को स्पष्ट करते हुए अंबाला के ज्योतिषाचार्य राजकुमार शर्मा ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को तिथियों के फेर में परेशान होने की जरूरत नहीं है और वे 19 अक्टूबर को अष्टमी पूजन कर सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी धार्मिक पर्वों और त्योहारों में तिथि तय करने का एक ही नियम लागू नहीं होता, बल्कि इसके लिए पंचांग की विशिष्ट गणना देखी जाती है।
अष्टमी तिथि का सटीक समय और मुहूर्त
पंचांग गणना के अनुसार अष्टमी तिथि का समय इस प्रकार रहेगा:
- अष्टमी तिथि का प्रारंभ: 18 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 27 मिनट से होगा।
- अष्टमी तिथि का समापन: 19 अक्टूबर को सुबह 10 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
समय के इस चक्र को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालु 19 अक्टूबर की सुबह अष्टमी का पूजन और कन्या खिलाने का कार्य संपन्न कर सकते हैं।
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