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5 घंटे पहले
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नेपाल के पर्वतीय क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। तिब्बत की सीमा से सटे पश्चिमी नेपाल के हिमलुंग हिमाल के बेस कैंप पर एक बड़ा हिमस्खलन हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से कम से कम 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू करने की कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन खराब मौसम इसमें बड़ी बाधा बनकर खड़ा हो गया है।
अभियान दल के सदस्य और रसोई कर्मचारी लापता
इस हादसे की पुष्टि करते हुए पर्वतारोहण अभियान के आयोजक मिंगमा ग्याल्जे शेरपा ने बताया कि यह हिमस्खलन रविवार सुबह को हुआ था। उन्होंने जानकारी दी कि लापता लोगों में उनके अभियान दल की रसोई में काम करने वाले दो कर्मचारी भी शामिल हैं। मिंगमा ग्याल्जे शेरपा के मुताबिक, पिछले सप्ताह मौसम विभाग द्वारा चेतावनी जारी किए जाने के बाद कई पर्वतारोही टीमों और पहाड़ों पर रस्सियां बांधने वाले दलों ने ढलानों को खाली कर दिया था। हालांकि, कुछ लोग अपनी इच्छा या मजबूरीवश वहीं रुक गए थे, जो इस हादसे का शिकार हो गए। लापता हुए ये 10 लोग अलग-अलग ट्रैकिंग और पर्वतारोहण कंपनियों से जुड़े हुए हैं।
7,126 मीटर ऊंची चोटी पर बचाव कार्य में चुनौतियां
हादसे का शिकार हुआ हिमलुंग हिमाल नेपाल के मनांग जिले में स्थित है, जिसकी ऊंचाई लगभग 7,126 मीटर है। यह चोटी उन पर्वतारोहियों के बीच बेहद लोकप्रिय है जो बहुत अधिक ऊंचाई पर चढ़ाई करने का अनुभव हासिल करना चाहते हैं। हालांकि, इस क्षेत्र में राहत अभियान चलाना बेहद जटिल काम है। इस ऊंचाई पर हेलीकॉप्टर उड़ाने के लिए प्रशासन से विशेष और अतिरिक्त परमिट की आवश्यकता होती है, जिससे बचाव दल को समय पर पहुंचने में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बर्फबारी के कारण पर्वतारोहियों को मजबूरी में अपनी चढ़ाई रोकनी पड़ी और पीछे हटना पड़ा है।
मौसम की मार और पर्यटकों के लिए सख्त निर्देश
नेपाल में इस समय मौसम का मिजाज बेहद बिगड़ा हुआ है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण पूरे नेपाल के पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। पूरे देश में शुक्रवार से ही मौसम बहुत खराब बना हुआ है। इस बारिश और बर्फबारी की वजह से देश के कई हिस्सों में सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गई हैं, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को एहतियात के तौर पर यातायात रोकना पड़ा है।
बिगड़ते हालात को देखते हुए नेपाल के पर्यटन विभाग ने एक आपातकालीन अलर्ट जारी किया है। विभाग ने सभी ट्रेकर्स, पर्वतारोहियों और पर्यटकों से अपनी सभी गतिविधियां तुरंत रोकने की अपील की है।
यह संकट ऐसे समय में आया है जब नेपाल पिछले महीने ही एक बड़ी त्रासदी से उबरा था। पिछले महीने रासुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के कारण भारी तबाही मची थी, जिसमें 1,400 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और लगभग 5,000 से ज्यादा लोग लापता हो गए थे। उस बाढ़ ने त्रिशूली नदी के किनारे बसी कई बस्तियों का नामोनिशान मिटा दिया था, जिससे नेपाल के पर्यटन उद्योग को बहुत बड़ा झटका लगा था। अब इस नए हिमस्खलन ने एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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