मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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विचारों
परीक्षा का आयोजन और सुरक्षा व्यवस्था
पूरे देश में 21 जून को RE NEET-UG परीक्षा संपन्न कराई गई। सागर शहर में इसके लिए कुल 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां 2769 विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा आयोजित इस पुन: परीक्षा के लिए सुरक्षा के बेहद सख्त इंतजाम किए गए थे।
छात्रों की राय: फिजिक्स ने बढ़ाई मुश्किलें
परीक्षा केंद्रों से बाहर निकले विद्यार्थियों का अनुभव मिला-जुला रहा। कई छात्रों ने बताया कि इस बार का प्रश्न पत्र पिछले पेपर की तुलना में थोड़ा कठिन था। विशेष रूप से फिजिक्स के सवालों ने परीक्षार्थियों को अधिक परेशान किया। शुभम लोधी नामक छात्र ने बताया कि हालांकि बायोलॉजी का भाग आसान था, लेकिन फिजिक्स में उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
क्या दोबारा परीक्षा का हुआ फायदा?
छात्रों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि क्या दोबारा परीक्षा देना फायदेमंद था। दीक्षा कुर्मी और राधिका पटेल जैसे छात्रों का मानना है कि पहले वाला पेपर अपेक्षाकृत सरल था और इस बार प्रश्नों के कठिन होने से उन्हें परेशानी हुई। राधिका के अनुसार, परीक्षा रद्द होने के बाद जो पैनिक की स्थिति बनी थी, उसने मानसिक रूप से प्रभावित किया था।
पेपर लीक होने का डर
कई छात्रों ने एक स्वर में चिंता व्यक्त की कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए। पूजा सोनी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोबारा तैयारी करना काफी थका देने वाला होता है और हर विद्यार्थी दोबारा उसी स्तर की मेहनत नहीं कर पाता है। छात्रों की सरकार और एजेंसी से यही मांग है कि परीक्षा की शुचिता बनी रहे ताकि भविष्य में उन्हें दोबारा इस तरह के मानसिक दबाव से न गुजरना पड़े।
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