ट्रैक्टर मैकेनिक बनने का सुनहरा मौका, 60 दिन की फ्री ट्रेनिंग के साथ रहना और खाना भी मुफ्त मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 4
मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी विभाग युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ट्रैक्टर सर्विस मैकेनिक का निशुल्क आवासीय प्रशिक्षण दे रहा है। इच्छुक उम्मीदवार 25 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं।

युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर

मध्य प्रदेश कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है। विभाग द्वारा 60 दिनों का ट्रैक्टर सर्विस मैकेनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से निशुल्क है। इसमें शामिल होने वाले प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण के साथ साथ रहने और खाने की सुविधा भी विभाग की ओर से पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। जो युवा इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर है।

प्रशिक्षण की मुख्य शर्तें और पात्रता

इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में भाग लेने के लिए विभाग ने कुछ बुनियादी पात्रता मानदंड निर्धारित किए हैं। इस प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के इच्छुक युवाओं की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, आवेदक का न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता के रूप में 10वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है। जो अभ्यर्थी इन शर्तों को पूरा करते हैं, वे इस प्रशिक्षण का लाभ उठा सकते हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रतिभागियों को एग्रीकल्चर स्किल डेवलपमेंट ऑफ इंडिया की ओर से आधिकारिक प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।

प्रशिक्षण की कार्यप्रणाली और कंपनी का सहयोग

सागर स्थित कृषि अभियांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ए पी कुजूर ने जानकारी दी है कि यह प्रशिक्षण संचनालय अभियांत्रिकी विभाग, मध्य प्रदेश के तत्वावधान में संचालित कौशल विकास केंद्र के माध्यम से दिया जा रहा है। यह केंद्र पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर काम करता है। इस कार्यक्रम में मैकेनिक प्रशिक्षण देने के लिए प्रसिद्ध कंपनी महिंद्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। 60 दिनों तक चलने वाले इस आवासीय कार्यक्रम में छात्रों को हॉस्टल में रहकर तकनीकी कौशल सिखाए जाते हैं। नया बैच 26 सितंबर से शुरू किया जा रहा है, इसलिए इच्छुक युवाओं को 25 सितंबर तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा करना होगा।

रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं

प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल हुनर सिखाना ही नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार दिलाना भी है। चूँकि इस कार्यक्रम में महिंद्रा जैसी कंपनियां सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं, इसलिए ट्रेनिंग पूरी होते ही युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना काफी अधिक रहती है। जानकारों के अनुसार, ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद युवा सागर स्थित किसी भी स्थानीय एजेंसी में 17 हजार से 24 हजार रुपये तक की नौकरी प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा, जो युवा स्वयं का काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए भी यह प्रशिक्षण अत्यंत लाभकारी है। वे या तो निजी स्तर पर मैकेनिक की दुकान शुरू कर सकते हैं या फिर कस्टम हायर सेंटर स्थापित कर सकते हैं। सरकार की योजनाओं के तहत 25 लाख रुपये के प्रोजेक्ट पर 10 लाख रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान भी है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकते हैं। आवेदन करने के लिए युवाओं को विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए लिंक के जरिए गूगल फॉर्म भरकर जमा करना होगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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