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एक दिन पहले
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जापान में भूकंप से मची अफरा-तफरी
जापान में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है, जहां रविवार तड़के महसूस किए गए 5.9 तीव्रता के तेज भूकंप के झटकों ने लोगों की रातों की नींद हराम कर दी। भूकंप इतना जोरदार था कि टोक्यो, इबारकी, साइतामा और चिबा जैसे बड़े इलाकों में इमारतें हिलने लगीं। खिड़की और दरवाजों के खड़खड़ाने की डरावनी आवाजें सुनकर लोग घबरा गए और अपनी जान बचाने के लिए आधी रात को ही घरों से बाहर सड़कों की तरफ भाग खड़े हुए। जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र दक्षिणी इबारकी प्रांत में जमीन से करीब 70 किलोमीटर की गहराई में स्थित था।
भूकंप का केंद्र और तीव्रता
रिक्टर स्केल पर 5.9 की तीव्रता मापी गई, जिसे स्थानीय सीस्मिक स्केल पर 'लोअर 5' की श्रेणी में रखा गया है। इस तीव्रता का मतलब है कि मकानों के ढांचे जोर से हिलते हैं, दीवारों में दरारें आने की प्रबल संभावना रहती है और बिना सहारे के रखी भारी वस्तुएं अपनी जगह से गिरकर टूट सकती हैं। रविवार तड़के करीब 2 बजे जब लोग गहरी नींद में थे, अचानक शुरू हुए कंपन ने दीवारों पर टंगे फ्रेम और अन्य सामान को नीचे गिरा दिया। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल समुद्र में सुनामी के खतरे को खारिज किया है, लेकिन इस झटके ने स्थानीय लोगों के मन में डर की स्थिति पैदा कर दी है।
कुमामोटो त्रासदी की पुरानी यादें
इस भूकंप के बाद जापान के नागरिकों के मन में कुछ ही हफ्ते पहले हुई तबाही की यादें फिर से ताजा हो गई हैं। गौरतलब है कि 28 जुलाई को जापान के दक्षिणी द्वीप क्यूशू के कुमामोटो इलाके में 7.1 तीव्रता का एक महाविनाशकारी भूकंप आया था। उस त्रासदी ने पूरे शहर को मलबे में तब्दील कर दिया था। उस भीषण भूकंप में कम से कम 18 लोगों की जान गई थी, जिनमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल था। इसके अलावा 62 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से 6 लोगों की हालत इतनी नाजुक थी कि उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। उस घटना के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि इस ताजा झटके ने लोगों को फिर से दहशत में डाल दिया है।
इयोन मॉल का भयावह मंजर
कुमामोटो त्रासदी के दौरान काशिमा शहर का प्रसिद्ध 'इयोन मॉल' तबाही का केंद्र बना था। 7.1 तीव्रता का झटका आते ही मॉल के भीतर भगदड़ मच गई, जहां उस समय हजारों की संख्या में खरीदार मौजूद थे। मॉल प्रबंधन ने तत्परता दिखाते हुए करीब 3,000 ग्राहकों को सुरक्षित पार्किंग क्षेत्र की ओर निकाला, लेकिन तभी मॉल के एक हिस्से में भीषण गैस विस्फोट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह विस्फोट भूकंप से भी अधिक खौफनाक था। विस्फोट के कारण मॉल की पूरी दूसरी मंजिल ताश के पत्तों की तरह ढह गई थी। इयोन मॉल के प्रेसिडेंट एकियो योशिदा ने बताया था कि उस हादसे में 4 लोगों के शव मलबे से बरामद किए गए थे, जबकि 3 लोग कई दिनों तक लापता रहे थे।
मलबे में जिंदगी की तलाश: सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन
मॉल के ढहने के बाद रेस्क्यू टीमों के लिए कंक्रीट के विशाल टुकड़ों और लोहे के गर्डरों के नीचे दबे लोगों को निकालना सबसे बड़ी चुनौती थी। जापानी मीडिया द्वारा प्रसारित फुटेज में सेना के जवान और इमरजेंसी वर्कर्स को हेलमेट और मास्क पहने हुए, भारी मशीनों और आधुनिक उपकरणों के जरिए मलबे को हटाते हुए देखा गया था। क्रेन की मदद से कई दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के दौरान मलबे के अंदर फंसी जिंदगियों को बचाने की जद्दोजहद की गई थी। आज जब आधी रात को दोबारा जमीन हिली, तो लोगों के जहन में वही पुरानी तस्वीरें और इयोन मॉल का हादसा फिर से घूमने लगा। हालांकि वर्तमान भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन जापान में भूकंप के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए लोग अत्यधिक सतर्क हैं।
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