सर्दियों में शरीर को ताकत देने वाले बघेलखंडी पिन्नी लड्डू, घर पर ऐसे करें तैयार जीवनशैली 9 घंटे पहले 1
बघेलखंडी अंदाज में तैयार होने वाले खांड और गोंद के पिन्नी लड्डू स्वाद के साथ-साथ सर्दियों के मौसम में शरीर को भरपूर ऊर्जा प्रदान करते हैं। इन पौष्टिक लड्डुओं को घर पर मौजूद सामान्य सामग्री से बेहद आसानी से बनाया जा सकता है।

सर्दियों के लिए खास और पौष्टिक विकल्प

जैसे ही ठंड का मौसम करीब आता है, हमारे घरों में खानपान को लेकर तैयारियां शुरू हो जाती हैं। यदि आप बाजार की मिलावटी मिठाइयों से बचकर कुछ शुद्ध, देसी और सेहतमंद खाना चाहते हैं, तो बघेलखंडी शैली के पिन्नी लड्डू आपके लिए एक शानदार विकल्प साबित हो सकते हैं। इन लड्डुओं की खासियत यह है कि इन्हें बनाने के लिए किसी भी तरह की जटिल तैयारी की आवश्यकता नहीं होती। ये लड्डू न केवल स्वाद में लाजवाब होते हैं, बल्कि गोंद, देसी खांड, आटा, बेसन और मेवों के मेल से शरीर को सर्दी के दिनों में जरूरी ऊर्जा यानी पावर बूस्टर भी देते हैं।

परंपरा और स्वाद का अनूठा मेल

स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी का मानना है कि बघेलखंड क्षेत्र में सर्दियों के आने से पहले ही लोग अपनी सेहत को मजबूत करने के लिए तरह-तरह के देसी पकवानों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। पिन्नी के लड्डू इसी परंपरा का एक अहम हिस्सा हैं। लोग इन्हें पूरे ठंड के मौसम के दौरान नाश्ते या स्नैक्स के रूप में खाते हैं, जो उन्हें अंदरूनी मजबूती प्रदान करते हैं। इन लड्डुओं में इस्तेमाल होने वाली सामग्री इन्हें बाजार की अन्य मिठाइयों से अलग बनाती है, क्योंकि इसमें मिठास के लिए चीनी की जगह देसी खांड का उपयोग किया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से काफी बेहतर माना जाता है।

गोंद और मेवों की तैयारी

इस रेसिपी में गोंद का इस्तेमाल करना सबसे महत्वपूर्ण चरण है। आप बाजार से अच्छी गुणवत्ता वाला खाने वाला गोंद खरीद सकते हैं, लेकिन यदि आपको पेड़ों से मिलने वाला प्राकृतिक गोंद मिल जाए, तो वह सबसे उत्तम है। सबसे पहले एक कड़ाही को अच्छी तरह गर्म करें और उसमें गोंद डालकर भूनें। जब गोंद अच्छी तरह फूल जाए, तो उसे कड़ाही से निकालकर अलग रख लें। इसके बाद उसी कड़ाही में काजू, बादाम और सूखे नारियल का बुरादा डालें और उन्हें हल्का रोस्ट करें। ध्यान रखें कि मेवों को बहुत ज्यादा नहीं भूनना है, केवल उनकी खुशबू आने तक और हल्का कुरकुरा होने तक ही गर्म करना है। तैयार हो जाने पर इन्हें भी निकाल लें।

आटा और बेसन का मिश्रण

लड्डुओं का मुख्य बेस तैयार करने के लिए कड़ाही में घी गर्म करें और उसमें गेहूं का आटा डालें। इसे धीमी या मध्यम आंच पर लगातार चलाते हुए भूनें। आटे को भूनते समय ध्यान रखें कि वह नीचे से जले नहीं और उसका रंग अच्छी तरह सुनहरा हो जाए। इसके समानांतर एक छोटी कड़ाही या बर्तन में एक कटोरी बेसन लें और उसे भी घी के साथ धीमी आंच पर भूनें। जब बेसन से सौंधी खुशबू आने लगे, तो इसे पहले से भुने हुए आटे में मिला दें। इस तरह आपके लड्डुओं का मुख्य मिश्रण तैयार हो जाएगा, जिसे हम पंजीरी भी कह सकते हैं।

खांड और दरदरे मेवों का जादू

अब भुने हुए आटे और बेसन के मिश्रण में अपनी पसंद और स्वाद के अनुसार देसी खांड मिलाएं। इसे अच्छी तरह चलाएं ताकि खांड पूरे मिश्रण में एक समान रूप से घुल-मिल जाए। अब जो गोंद, काजू, बादाम और सूखा नारियल आपने पहले भूनकर रखा था, उसे मिक्सी में डालें और हल्का दरदरा पीस लें। इसे बिल्कुल बारीक पाउडर की तरह न पीसें, क्योंकि मेवों के छोटे टुकड़े या क्रंच लड्डुओं में बहुत अच्छे लगते हैं और स्वाद को दोगुना कर देते हैं।

लड्डू बनाने की अंतिम प्रक्रिया

अंत में, दरदरे पिसे हुए गोंद और ड्राई फ्रूट्स के मिश्रण को तैयार आटे-बेसन की पंजीरी में अच्छी तरह मिला लें। अब सभी सामग्रियों के एकसार होने के बाद, हाथों में थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लें और उसे दबाव देते हुए गोल आकार देकर लड्डू का रूप दें। यदि मिश्रण बांधने में कठिनाई हो, तो आप इसमें थोड़ा और गर्म घी मिला सकते हैं। इस प्रकार, बिना किसी तामझाम के पारंपरिक बघेलखंडी पिन्नी लड्डू बनकर तैयार हो जाते हैं। इन्हें आप एयर-टाइट डिब्बे में रखकर लंबे समय तक इस्तेमाल कर सकते हैं। यह न केवल आपके सर्दियों के नाश्ते का हिस्सा बन सकते हैं, बल्कि मेहमानों के आने पर एक बेहतरीन देसी मिठाई के रूप में भी परोसे जा सकते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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