क्रिकेट
एक घंटा पहले
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क्रिकेट के मैदान पर राजनीतिक विरासत की जंग
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन यानी आरसीए के चुनाव में एक बार फिर राजनीति का साया गहरा गया है। इस चुनाव में खेल से ज्यादा राजनीतिक परिवारों का दबदबा साफ नजर आ रहा है। अध्यक्ष पद की दौड़ में कई दिग्गज नेताओं के बेटे ताल ठोक रहे हैं, जिससे यह मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है।
मैदान में उतरे नए चेहरे
इस बार आरसीए के अध्यक्ष पद के लिए जो नाम सबसे आगे चल रहे हैं, उनमें चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर के बेटे धनंजय सिंह और पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह प्रमुख हैं। इन दोनों के चुनावी मैदान में उतरने से यह स्पष्ट हो गया है कि राजस्थान क्रिकेट की कमान संभालने के लिए सत्ता के गलियारों से जुड़े परिवारों की रुचि अब भी बरकरार है।
पुराना नाता और राजनीतिक इतिहास
आरसीए में राजनीतिक परिवारों का दखल कोई नई बात नहीं है। इससे पहले भी राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत आरसीए की कमान संभाल चुके हैं। वैभव गहलोत ने साल 2019 में पहली बार राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था और अपनी जीत दर्ज कराई थी। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्हें एक बार फिर अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। अब देखना यह होगा कि इस बार के चुनाव में क्रिकेट संघ की बागडोर किसके हाथ में जाती है।
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