छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार, 5 नए मेडिकल कॉलेजों को मिली मंजूरी छत्तीसगढ़ 3 महीने पहले 133
छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है क्योंकि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने राज्य में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों के लिए हरी झंडी दे दी है, जिससे एमबीबीएस की सीटों में भारी इजाफा होगा।

राज्य में चिकित्सा शिक्षा का होगा विस्तार

छत्तीसगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई करने के इच्छुक छात्रों के लिए एक अत्यंत सुखद समाचार सामने आया है। राज्य सरकार के चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को उस समय बड़ी सफलता मिली, जब राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग यानी NMC ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रदेश में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेजों की स्थापना को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद छत्तीसगढ़ में चिकित्सा शिक्षा की सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

इन जिलों में खुलेंगे नए कॉलेज

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने जिन पांच स्थानों पर नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने की अनुमति दी है, उनमें राज्य के विभिन्न जिले शामिल हैं। ये कॉलेज निम्नलिखित स्थानों पर संचालित किए जाएंगे:

  • गीदम (दंतेवाड़ा)
  • कुनकुरी (जशपुर)
  • मनेन्द्रगढ़
  • जांजगीर-चांपा
  • कबीरधाम

इन सभी नए कॉलेजों में 50-50 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था होगी, जिससे राज्य में कुल मिलाकर 250 नई एमबीबीएस सीटों की वृद्धि दर्ज की जाएगी। ये सभी संस्थान पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्मृति स्वास्थ्य विज्ञान और आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध होकर अपनी सेवाएं देंगे।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया

इस उपलब्धि पर राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि इन नए मेडिकल कॉलेजों के खुलने से न केवल चिकित्सा शिक्षा का स्तर ऊपर उठेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई मजबूती प्रदान होगी। वहीं, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि इससे स्थानीय छात्रों के लिए मेडिकल की पढ़ाई के अवसर बढ़ेंगे और राज्य के दूरस्थ जिलों में चिकित्सा सुविधाओं का बेहतर विस्तार हो सकेगा।

प्रवेश प्रक्रिया और सीटों का गणित

NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड यानी MARB ने इन सभी आवेदनों की गहन जांच की थी। इसमें भौतिक निरीक्षण के साथ-साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। सभी मानकों को पूरा करने के बाद बोर्ड ने इन कॉलेजों के लिए लेटर ऑफ परमिशन यानी LOP जारी कर दिया है। इसके साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन संस्थानों में छात्रों के प्रवेश और कक्षाओं के संचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों के नियमों के अनुसार, इन सीटों में से 15% सीटें ऑल इंडिया कोटा के तहत आरक्षित रहेंगी, जिन पर देशभर के मेधावी छात्र प्रवेश ले सकेंगे।

अब कुल 20 कॉलेज होंगे संचालित

इस नई मंजूरी के बाद छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। अभी तक राज्य में कुल 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे थे, जिनमें से 11 सरकारी और 4 निजी क्षेत्र के कॉलेज शामिल थे। अब इन 5 नए शासकीय कॉलेजों के जुड़ने से प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 20 हो गई है। इससे एमबीबीएस की सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे हजारों छात्रों को अपने डॉक्टर बनने के सपने को साकार करने में मदद मिलेगी। राज्य के छात्र लंबे समय से शैक्षणिक विस्तार की मांग कर रहे थे, जिसे इस निर्णय ने काफी हद तक पूरा करने का काम किया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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