राष्ट्रीय राजनीति
4 घंटे पहले
10
विचारों
भारतीय राजनीति में जब भी दिग्गज नेता किसी सार्वजनिक स्थान पर साथ भोजन करते हैं, तो वह केवल एक साधारण मुलाकात नहीं होती। दिल्ली के प्रसिद्ध दक्षिण भारतीय रेस्तरां 'सागर रत्ना' में 07 अक्टूबर 2026 को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ दोपहर के भोजन पर मिले। यह लंच ऐसे समय में हुआ है जब देश का सियासी पारा बेहद गर्म है और विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का मन बना चुके हैं।
सागर रत्ना में जुटी विपक्षी दिग्गजों की टोली
सोशल मीडिया पर इस मुलाकात का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बेहद अनौपचारिक अंदाज में रेस्तरां में प्रवेश करते हैं। अंदर आने के बाद वे वहां मौजूद आम लोगों और समर्थकों का मुस्कुराकर अभिवादन करते हैं। इसके कुछ ही देर बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी वहां पहुंचते हैं। लंच की मेज पर खरगे के साथ राहुल और प्रियंका बैठे नजर आ रहे हैं।
इस मुलाकात की सबसे खास बात वह गंभीर चर्चा थी जो भोजन के दौरान चल रही थी। वीडियो में साफ दिख रहा है कि राहुल गांधी अपने बगल में बैठे कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और ठीक सामने बैठे TMC के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन के साथ बेहद गंभीर बातचीत में मशगूल हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कोई साधारण शिष्टाचार भेंट नहीं थी, बल्कि विपक्षी गठबंधन के अगले साझा कदम की रूपरेखा तैयार करने के लिए बुनी गई रणनीति का हिस्सा थी।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा और राहुल का आक्रामक रुख
इस लंच डिप्लोमेसी का समय बेहद महत्वपूर्ण है। कांग्रेस और पूरा INDIA ब्लॉक इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। विपक्ष लगातार मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग कर रहा है। दरअसल, आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश करने के आरोप में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस पुलिसिया कार्रवाई पर राहुल गांधी ने बेहद कड़ा और बेबाक रुख अपनाया है।
राहुल गांधी ने इस कार्रवाई से डरने के बजाय इसे अपनी ताकत बताया है। मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए उन्होंने बेहद बेबाक अंदाज में कहा:
"मेरे खिलाफ फिलहाल 45 FIR दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 FIR का है। मैं चाहता हूं कि मेरे खिलाफ 100 FIR दर्ज हों। हर FIR मेरे लिए एक मेडल की तरह है।"
राहुल गांधी के इस बयान से साफ है कि वे सरकार या जांच एजेंसियों के किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं। वे इस कानूनी लड़ाई को राजनीतिक रूप से भुनाने और इसे लोकतंत्र की रक्षा के संघर्ष के रूप में पेश करने की तैयारी में हैं।
जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन की तैयारी
विपक्षी दलों का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त निष्पक्षता से काम नहीं कर रहे हैं और सरकार के ईशारे पर विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। राहुल गांधी ने बताया कि विपक्ष के लगभग 300 सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे। लेकिन उन्हें मिलने से रोक दिया गया।
इस गतिरोध के बाद विपक्षी गठबंधन ने अपनी रणनीति बदल ली है। अब यह लड़ाई सिर्फ बंद कमरों या आयोग के दफ्तर तक सीमित नहीं रहेगी। INDIA ब्लॉक के सांसदों ने अब सड़क पर उतरने का फैसला किया है। इसके तहत सभी विपक्षी सांसद दिल्ली के ऐतिहासिक विरोध स्थल जंतर-मंतर पर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करेंगे। सागर रत्ना रेस्तरां में हुई इस लंच बैठक में इसी आंदोलन को धार देने और सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा की गई है।
Comments
0 comment