प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई महत्वपूर्ण चर्चा भारत एक घंटा पहले 6
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की है। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।

रणनीतिक साझेदारी को मिली नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण संवाद हुआ है। इस बात की जानकारी खुद प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से साझा की है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनकी यह बातचीत अत्यंत सार्थक रही है। इस चर्चा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा के साथ साथ अत्याधुनिक तकनीक और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चल रहे आपसी सहयोग की समीक्षा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि दोनों नेता अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए भविष्य में भी करीबी संपर्क बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई गंभीर विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिसमें वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को प्रमुखता दी गई।

G7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी मुलाकात

उल्लेखनीय है कि फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आमने-सामने मुलाकात हुई थी। उस द्विपक्षीय बैठक में भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को मजबूत करने, व्यापारिक मसलों और विशेष रूप से पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने की दिशा में जारी प्रयासों पर व्यापक चर्चा हुई थी। उस समय प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के साथ शांति समझौते की दिशा में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा किए जा रहे प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया में शांति स्थापना की दिशा में हो रही प्रगति ने उम्मीद की एक नई किरण जगाई है और इस शांति को लंबे समय तक बनाए रखने की आवश्यकता है।

समुद्री मार्ग और सुरक्षा का मुद्दा

बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के सामरिक महत्व पर विशेष जोर दिया था। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लिए इस समुद्री मार्ग का खुला रहना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने भारतीय समुद्री जहाजों और उनमें तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी दृढ़ता से उठाया। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि भारत के लाखों नाविक दुनिया के विभिन्न हिस्सों में काम करते हैं और वैश्विक व्यापार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना एक प्राथमिकता होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते में नाविकों की सुरक्षा को उचित प्राथमिकता मिलेगी।

भारत-अमेरिका रिश्तों में नई ऊर्जा

प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि वाशिंगटन में हुई पिछली मुलाकात के बाद से ही भारत और अमेरिका के रिश्तों में एक नई गति और ऊर्जा का संचार हुआ है। दोनों देश अपने साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में निरंतर सक्रिय हैं। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री के साथ हुई अपनी बातचीत को सकारात्मक बताया था। ट्रंप ने संकेत दिए थे कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों पर काम चल रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का दायरा लगातार बढ़ रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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