बेतला नेशनल पार्क में भूलकर भी न करें ये गलती, वरना ऑन-स्पॉट देना होगा जुर्माना, जानें नए नियम झारखंड एक घंटा पहले 3
झारखंड के लातेहार में स्थित बेतला नेशनल पार्क में जंगल सफारी शुरू होने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद सख्त नियम लागू किए गए हैं, जिसके तहत प्लास्टिक कचरा फैलाने पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाएगा।

झारखंड के लातेहार जिले में स्थित प्रसिद्ध बेतला नेशनल पार्क में पर्यटन का नया सीजन शुरू हो चुका है। इस बार रोमांचक जंगल सफारी का आनंद लेने आने वाले पर्यटकों के लिए रोमांच के साथ-साथ कुछ सख्त नियमों का पालन करना भी अनिवार्य होगा। पार्क प्रबंधन ने इस साल पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर अपनी चौकसी और कड़े नियम लागू किए हैं। यदि आप बेतला नेशनल पार्क जाने की योजना बना रहे हैं, तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है। यहां की गई एक छोटी सी गलती भी आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है, क्योंकि पार्क परिसर में नियमों का उल्लंघन करने पर सीधे मौके पर ही जुर्माना वसूलने की तैयारी की गई है।

बेतला नेशनल पार्क बना 'नो प्लास्टिक जोन'

बेतला नेशनल पार्क के सफारी जोन और पूरे पार्क परिसर को पर्यावरण की रक्षा के लिए पूरी तरह से 'नो प्लास्टिक जोन' घोषित कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब पार्क के भीतर किसी भी प्रकार के प्लास्टिक कचरे को फैलाने की अनुमति नहीं होगी। पर्यटकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे पार्क के अंदर प्लास्टिक की किसी भी वस्तु का उपयोग न करें। पार्क प्रबंधन ने साफ कर दिया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई पर्यटक पार्क परिसर या सफारी के दौरान प्लास्टिक कचरा फैलाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ मौके पर ही यानी ऑन-द-स्पॉट कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना वसूला जाएगा।

प्लास्टिक की बोतलों के लिए नया डिपॉजिट नियम

बेतला नेशनल पार्क के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना ने इस नए नियम के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि पार्क में आने वाले पर्यटकों के लिए पानी की प्लास्टिक बोतलों के इस्तेमाल को लेकर एक अनूठी और बेहद सख्त व्यवस्था लागू की गई है। अब जो भी पर्यटक अपने साथ पानी की प्लास्टिक की बोतल लेकर पार्क के अंदर जाना चाहते हैं, उन्हें प्रवेश द्वार पर बने विशेष काउंटर पर एक निश्चित डिपॉजिट शुल्क जमा करना होगा। जब पर्यटक अपनी सफारी या पार्क की सैर पूरी करके वापस बाहर आएंगे और उस प्लास्टिक की खाली बोतल को वापस काउंटर पर जमा करेंगे, तो उनकी जमा राशि उन्हें तुरंत वापस कर दी जाएगी। लेकिन, अगर पर्यटक वह बोतल अंदर ही छोड़ आते हैं या वापस नहीं लाते हैं, तो उनकी जमा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पार्क के संवेदनशील जंगली क्षेत्र में प्लास्टिक के कचरे को जमा होने से रोकना है।

पलामू टाइगर रिजर्व में कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान

डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जैना के अनुसार, इस बार पलामू टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले इस पूरे क्षेत्र में वेस्ट मैनेजमेंट यानी कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को बेहद दुरुस्त किया जा रहा है। पार्क के भीतर पर्यटकों द्वारा फैलाए जाने वाले हर प्रकार के कचरे के सही और वैज्ञानिक निपटारे के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग और पार्क प्रशासन का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इंसानी गतिविधियों से पैदा होने वाला कचरा वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को किसी भी प्रकार से प्रदूषित न करे। कचरे के सही निस्तारण से न केवल पर्यावरण साफ रहेगा, बल्कि जंगल के जानवरों को भी बीमारियों और अन्य खतरों से बचाया जा सकेगा।

वन्यजीवों को तंग करने वालों पर होगी सीधी कानूनी कार्रवाई

जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को रोमांच का अनुभव तो मिलेगा, लेकिन उन्हें वन्यजीवों की मर्यादा और शांति का पूरा सम्मान करना होगा। पार्क प्रशासन ने पर्यटकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे जंगली जानवरों से एक सुरक्षित और निश्चित दूरी बनाए रखें। सफारी के दौरान किसी भी जानवर को चिढ़ाना, उन्हें आवाजें देना, उन पर कोई वस्तु फेंकना या उनके प्राकृतिक व्यवहार में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। यदि कोई पर्यटक जानवरों को तंग करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हथियार ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध और पर्यटकों से अपील

बेतला नेशनल पार्क में सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए जंगल सफारी के दौरान किसी भी प्रकार के हथियार ले जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। हथियारों के साथ पार्क में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। अब हथियारों पर पाबंदी के साथ-साथ प्लास्टिक के उपयोग पर भी इसी तरह की सख्ती लागू कर दी गई है। पार्क प्रबंधन का एकमात्र ध्येय यह है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ जंगल, पर्यावरण और वहां रहने वाले बेजुबान वन्यजीवों की सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि वे इन नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें और बेतला के इस सुंदर और प्राकृतिक वातावरण को स्वच्छ बनाए रखने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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