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2 घंटे पहले
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पड़ोसी मुल्कों पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद और आपसी तनातनी एक बार फिर हिंसक मोड़ ले चुकी है। हाल ही में अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में हुए पाकिस्तानी हवाई हमलों ने दोनों देशों के बीच के तनाव को और अधिक गहरा कर दिया है। अफगान प्रशासन ने दावा किया है कि गुरुवार को पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा की गई एयरस्ट्राइक में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई है, जबकि इस सैन्य कार्रवाई में 11 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इस हवाई हमले की पुष्टि अफगानिस्तान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी करके की है।
रिहायशी इलाकों को बनाया गया निशाना
अफगान सरकार की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस हवाई हमले में मुख्य रूप से कुनार और हेलमंद प्रांतों के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया गया। बमबारी की इस घटना में स्थानीय नागरिकों के 3 घरों के पूरी तरह से मलबे में तब्दील होने की खबर है। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया कि मारे गए 9 लोगों में बेकसूर महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। उन्होंने रिहायशी इलाकों पर हुए इस हमले और नागरिकों की मौत पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त करते हुए पाकिस्तान के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की है।
अफगान प्रवक्ता की सख्त प्रतिक्रिया
इस बर्बर सैन्य कार्रवाई पर आक्रोश व्यक्त करते हुए तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा है:
"हम इस कार्रवाई की निंदा करते हैं। यह आक्रामकता है और सभी मान्य सिद्धांतों का उल्लंघन करने वाला अपराध है।"
अफगानिस्तान का मानना है कि अपनी सीमाओं के भीतर इस तरह की विदेशी सैन्य आक्रामकता को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के रिश्तों में आ रही कड़वाहट के बीच पाकिस्तान लगातार इस तरह के हिंसक कदम उठा रहा है, जिससे क्षेत्रीय शांति को गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
सीमा पर आम नागरिकों पर मंडरा रहा है खतरा
सीमा पर जारी इस सैन्य टकराव का सबसे बुरा खामियाजा वहां रहने वाले निर्दोष नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के विशेष मिशन द्वारा पिछले सप्ताह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक सीमा पार से होने वाली हिंसा और गोलीबारी में 1,100 से अधिक आम नागरिक हताहत हुए हैं। अफगान सरकार का आरोप है कि पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली एकतरफा सैन्य कार्रवाइयों के कारण सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले आम लोगों का जीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले भी पाकिस्तान ने सीमा पर एक और हमला किया था, जिसमें उसने कई तालिबान लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया था।
आखिर क्यों बढ़ा दोनों देशों में विवाद?
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच इस गंभीर विवाद की जड़ें सुरक्षा चिंताओं से जुड़ी हुई हैं। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल उसके खिलाफ होने का आरोप लगाता रहा है। इस्लामाबाद का दावा है कि कुख्यात आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी TTP जैसे समूहों को अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकाने मिले हुए हैं, जहां से वे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमले की साजिश रचते हैं। पाकिस्तान इन सशस्त्र गुटों को अपनी सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है।
दूसरी ओर, काबुल में बैठी अफगान सरकार इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करती आई है। अफगान प्रशासन का कहना है कि पाकिस्तान द्वारा लगाए जा रहे ये आरोप पूरी तरह से निराधार और मनगढ़ंत हैं। उनका तर्क है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र की विफलताओं को छिपाने के लिए अपनी समस्याओं का ठीकरा अफगानिस्तान के सिर पर फोड़ने की कोशिश कर रहा है। फिलहाल दोनों देशों के बीच बने इस टकराव के हालात ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
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