राष्ट्रपति से गुहार लगाने पहुंचे विपक्षी नेता, मुख्य चुनाव आयुक्त के मुद्दे पर गरमाया सियासी पारा भारत एक घंटा पहले 2
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्ष का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मसले पर विपक्षी सांसद विजय चौक पर विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं।

राष्ट्रपति भवन पहुंचे विपक्षी नेता

शुक्रवार को विपक्षी दलों का एक प्रतिनिधिमंडल, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट करने के लिए राष्ट्रपति भवन पहुंचा है। विपक्ष के ये नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मामलों को लेकर राष्ट्रपति के सामने अपनी बात रखने निकले हैं। सेंट्रल हॉल से रवाना होकर ये प्रतिनिधिमंडल सीधे राष्ट्रपति भवन पहुंच गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद विजय चौक पर धरना देकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। विपक्षी दलों का स्पष्ट आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाना चाहिए और इस संबंध में वे राष्ट्रपति से ठोस कार्रवाई की मांग रखने वाले हैं।

सरकार पर खड़गे का तीखा हमला

विपक्षी गठबंधन इंडिया के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार पूरी तरह से डरी हुई है और किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अब तक कोई भी उचित कार्रवाई नहीं की है, जबकि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के तहत उन्हें अपने पद से हट जाना चाहिए।

इन नेताओं ने संभाली कमान

राष्ट्रपति से मिलने गए इंडिया अलायंस के प्रतिनिधिमंडल में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा सुप्रिया सुले, ममता बनर्जी, राजीव राय, मनोज झा, एमए बेबी, डी. राजा और उमर अब्दुल्ला जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। जब यह मुख्य प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से चर्चा कर रहा होगा, उस वक्त अन्य विपक्षी सांसद विजय चौक पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।

विरोध प्रदर्शन और सरकार पर सवाल

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जो सड़कों पर उतरकर लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए जो भी लोग सामने आए हैं, वे सभी बधाई के पात्र हैं। वहीं कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दोहराया कि विपक्ष पूरी तरह से बैलेट पेपर के जरिए मतदान की व्यवस्था चाहता है और उनकी मुख्य मांग ज्ञानेश कुमार को हटाना है।

कांग्रेस के सांसद राजीव शुक्ला ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह मार्च निकालने की मजबूरी इसलिए बनी क्योंकि सभी सांसदों को राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं दिया गया। गठबंधन के मात्र 10 नेताओं को ही मिलने की अनुमति मिली, जिसके चलते बाकी सांसदों ने सड़कों पर उतरकर विरोध करने का निर्णय लिया। राजीव शुक्ला ने दिल्ली में लगाई गई पाबंदियों पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि मेट्रो, ट्रेन और बसों को बंद कर दिया गया है, जिससे आम जनता को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि सुप्रीम कोर्ट को भी सरकार से जवाब मांगना पड़ा है कि दिल्ली में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित क्यों किया गया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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