क्राइम
एक घंटा पहले
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ओडिशा में दो साल पहले हुई एक रहस्यमयी हत्या की गुत्थी को क्राइम ब्रांच ने आखिरकार सुलझा लिया है। इस ब्लाइंड मर्डर केस में पुलिस के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं था, क्योंकि कुएं से बरामद हुआ शव पूरी तरह से सड़ चुका था। मृतक की पहचान कर पाना नामुमकिन लग रहा था, लेकिन घटनास्थल पर मिली चप्पलों की एक अजीब जोड़ी ने इस अनसुलझी पहेली को सुलझाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। पुलिस ने स्थानीय लोगों से पूछताछ और वैज्ञानिक जांच के सहारे हत्यारोपियों को दबोच लिया, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है।
कुएं में बोरी के अंदर मिला था सड़ा-गला शव
यह मामला 8 नवंबर 2023 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के उदाला थाना क्षेत्र में सामने आया था। यहां एक सुनसान कुएं के भीतर बोरी में बंद एक अज्ञात शव मिला था। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था। ओडिशा के डीजीपी क्राइम ब्रांच विनयतोष मिश्रा ने बताया कि शुरुआती जांच में स्थानीय पुलिस को शव की शिनाख्त का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। क्राइम ब्रांच की टीम ने घटना स्थल के आसपास करीब 100 किलोमीटर के दायरे में लापता लोगों की शिकायतों और रिपोर्टों को खंगाला, लेकिन काफी समय तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी।
दो अलग-अलग नंबर की चप्पलों ने दिया सुराग
जब पुलिस को कोई सीधा रास्ता नहीं सूझ रहा था, तब जांच अधिकारियों की नजर शव के पास से बरामद हुई चप्पलों पर गई। इन चप्पलों में एक अनोखी बात थी कि वे दोनों अलग-अलग साइज की थीं। इनमें से एक चप्पल का नंबर 4 था, जबकि दूसरी चप्पल का नंबर 5 था। इस महत्वपूर्ण सुराग ने जांच को एक नई दिशा दी। केरल में रहने वाले एक युवक को जब पुलिस की इस जांच और चप्पलों के बारे में पता चला, तो उसने खुद क्राइम ब्रांच से संपर्क किया। उसने बताया कि उसके लापता पिता पैर की समस्या के कारण अक्सर अलग-अलग साइज की चप्पलें पहना करते थे। पुलिस ने इसकी पुष्टि के लिए युवक का डीएनए टेस्ट कराया, जिसके बाद यह साबित हो गया कि मृतक कोई और नहीं बल्कि उसके लापता पिता जुगराज सिंह थे।
काले जादू के शक में ली गई बुजुर्ग की जान
जांच को आगे बढ़ाते हुए क्राइम ब्रांच ने जुगराज सिंह की पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी जुटाई। पता चला कि जुगराज सिंह तंत्र-मंत्र, अनुष्ठान और कथित तौर पर काला जादू किया करते थे। इसी अंधविश्वास के कारण उनकी जान ली गई। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि आरोपियों को यह शक था कि जुगराज ने अपने काले जादू के दम पर उनके बेटे को पानी में डुबोकर मार डाला था। अपने बेटे की मौत का बदला लेने के लिए आरोपियों ने जुगराज की हत्या की खौफनाक साजिश रची और वारदात को अंजाम देकर शव को बोरी में बंद कर कुएं में फेंक दिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, नाबालिग ने कबूला सच
क्राइम ब्रांच ने कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए गवाहों के बयानों और परिस्थितियों के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शामिल हैं:
- शान गौड़
- मोहन सिंह उर्फ मृदा
- एक नाबालिग आरोपी
पूछताछ के दौरान नाबालिग आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि आरोपियों ने पहले गांव के लोगों के सामने यह कहा था कि उन्होंने जुगराज को पूरी तरह खत्म कर दिया है। इस बयान को जांच टीम ने अहम सबूत माना है। फिलहाल, बालिग आरोपियों को अदालत के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया है। क्राइम ब्रांच ने इस पूरी जांच प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
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