नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के IPO पर निवेशकों की जबरदस्त भीड़, 90,300 करोड़ रुपये की लगी बोली आईपीओ 2 घंटे पहले 4
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बहुप्रतीक्षित आईपीओ बाजार में छा गया है और यह 6 गुना तक सब्सक्राइब हुआ है। निवेशकों ने इस इश्यू में जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए कुल 90,300 करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां लगाई हैं।

शेयर बाजार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के आईपीओ का दबदबा

लंबे समय से निवेशकों की निगाहों में रहे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के आईपीओ को बाजार से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। करीब 22,569 करोड़ रुपये के इस विशाल आईपीओ के अंतिम दिन तक निवेशकों ने भरपूर रुचि दिखाई और यह इश्यू लगभग 6 गुना सब्सक्राइब हो गया। इस आईपीओ के लिए कुल बोलियां 90,300 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर गईं, जो कि संस्थागत निवेशकों के बीच इस ऑफर को लेकर भारी उत्साह को दर्शाता है।

बीएसई द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, एनएसई ने कुल 8.86 करोड़ शेयरों की पेशकश की थी, जिसके मुकाबले बाजार में 50.58 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन आए। संपूर्ण इश्यू के सब्सक्रिप्शन आंकड़ों पर नजर डालें तो यह 5.71 गुना तक पहुंच गया। यदि अलग-अलग श्रेणी के निवेशकों की बात करें, तो क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) का हिस्सा 12.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं दूसरी ओर, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का हिस्सा 6.55 गुना और आम रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.39 गुना भरा गया।

कुल 90,300 करोड़ रुपये की भारी-भरकम मांग

इस मेगा आईपीओ का कुल आकार 22,569 करोड़ रुपये रखा गया था, लेकिन इसके विपरीत निवेशकों की ओर से 90,300 करोड़ रुपये की मांग देखी गई। आईपीओ के प्रति निवेशकों का भरोसा इतना अधिक था कि यह दूसरे दिन ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो चुका था और समापन तक इसमें कई गुना उछाल देखने को मिला। आईपीओ प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही एनएसई ने एंकर निवेशकों से 6,746 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। इस दौर में एलआईसी, गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, जीआईसी सिंगापुर, अबू धाबी निवेश प्राधिकरण और नॉर्जेस बैंक जैसे दुनिया के बड़े संस्थान शामिल रहे।

मूल्य दायरा और कंपनी का मूल्यांकन

एनएसई ने अपने इस आईपीओ के लिए 1,700 रुपये से लेकर 1,785 रुपये प्रति शेयर का मूल्य दायरा तय किया था। यह पूरा आईपीओ 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) पर आधारित है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत मौजूदा शेयरधारकों द्वारा 12.64 करोड़ इक्विटी शेयर बिक्री के लिए बाजार में लाए गए थे। इसका स्पष्ट अर्थ है कि इस आईपीओ से प्राप्त होने वाली धनराशि सीधे एनएसई के खाते में नहीं जाएगी, बल्कि उन शेयरधारकों को मिलेगी जिन्होंने अपने शेयर बेचे हैं। ऊपरी मूल्य बैंड के आधार पर कंपनी का कुल वैल्यूएशन 4.42 लाख करोड़ रुपये के करीब होने का अनुमान है।

24 सितंबर को होगी लिस्टिंग, इतिहास में दर्ज हुआ नाम

एनएसई के शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग 24 सितंबर को प्रस्तावित है। लगभग एक दशक से अलग-अलग नियामकीय कारणों से लटकी हुई यह लिस्टिंग अब एक बड़े पड़ाव के रूप में देखी जा रही है। एनएसई का यह आईपीओ देश के दूसरे सबसे बड़े पब्लिक इश्यू के रूप में इतिहास में दर्ज हो गया है। इससे पहले साल 2024 में ही हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हुआ था। दिलचस्प बात यह है कि एनएसई का यह इश्यू साल 2022 में आए एलआईसी के 21,000 करोड़ रुपये के आईपीओ से भी आकार में बड़ा है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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