उत्तर कोरिया ने दागीं कई बैलिस्टिक मिसाइलें, कोरियाई प्रायद्वीप में फिर बढ़ा तनाव विश्व 5 घंटे पहले 3
उत्तर कोरिया ने अपनी राजधानी प्योंगयांग के पास से पूर्वी समुद्र की ओर एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। दक्षिण कोरिया और जापान की सेना ने इस नए परीक्षण के बाद निगरानी बढ़ा दी है।

सैन्य गतिविधियों से बिगड़े कोरियाई प्रायद्वीप के हालात

कोरियाई प्रायद्वीप में एक बार फिर सामरिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी समुद्री क्षेत्र की तरफ एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। उत्तर कोरिया की इस नई कार्रवाई के बाद दक्षिण कोरियाई सेना पूरी तरह सतर्क हो गई है। लंबे समय से दोनों पड़ोसी मुल्कों के बीच कूटनीतिक बातचीत ठप पड़ी हुई है, और हालिया दिनों में हथियारों के सिलसिलेवार प्रदर्शनों ने तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।

प्योंगयांग के पास से दागी गईं मिसाइलें

दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, ये मिसाइलें उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग के आसपास के इलाके से छोड़ी गईं। गौरतलब है कि बीते कुछ वर्षों के दौरान उत्तर कोरिया ने अपने हवाई अड्डे के निकटवर्ती परिसर का उपयोग मिसाइल परीक्षणों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में किया है। हालांकि, ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने तत्काल यह स्पष्ट नहीं किया कि कुल कितनी मिसाइलें दागी गईं या फिर इन मिसाइलों ने समुद्र में कितनी दूरी तय की।

उधर जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी और बताया कि:

  • मंत्रालय ने अपनी निगरानी प्रणाली में कम से कम दो मिसाइलों का पता लगाया।
  • प्रारंभिक आकलन के अनुसार, ये दोनों मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र के बाहर समुद्र में जा गिरीं।

दक्षिण कोरिया के हाइपरसोनिक परीक्षण का जवाब

उत्तर कोरिया की यह ताजा उकसावे वाली कार्रवाई दक्षिण कोरिया द्वारा किए गए एक सैन्य परीक्षण के ठीक कुछ दिनों बाद सामने आई है। बीते शुक्रवार को दक्षिण कोरिया ने अपने देश में ही विकसित की गई पहली हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया था। तकनीक के लिहाज से यह मिसाइल काफी उन्नत मानी जा रही है:

  • यह मिसाइल हवा में ध्वनि की गति से कम से कम पांच गुना तेज रफ्तार से उड़ने में सक्षम है।
  • इसे विरोधी देशों की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को चकमा देने के मकसद से तैयार किया गया है।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग ने इस हाइपरसोनिक मिसाइल परीक्षण को देश की पारंपरिक रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम बताया था।

परमाणु जखीरे का विस्तार और रणनीतिक परीक्षण

सियोल के प्रति सख्त रुख बनाए रखते हुए उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम शस्त्रागार का विस्तार करने में लगा हुआ है। प्योंगयांग लगातार अपने हथियार कार्यक्रमों के परीक्षणों में तेजी ला रहा है। इससे पहले तीन अक्टूबर को भी उत्तर कोरिया ने एक परीक्षण किया था। उस दौरान उत्तर कोरिया ने दावा किया था कि उसने मध्यम दूरी की एक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया है, जिसे दक्षिण कोरिया और जापान की मिसाइल डिफेंस सिस्टम को नाकाम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

उत्तर कोरिया के शीर्ष नेता किम जोंग उन ने पिछले कुछ वर्षों में दक्षिण कोरिया के साथ सभी कूटनीतिक और सहयोग संबंधी गतिविधियां पूरी तरह बंद कर दी हैं। अमेरिका के साथ परमाणु मुद्दे पर व्यापक बातचीत लंबे समय से रुकी होने के बीच उन्होंने दक्षिण कोरिया को अपना स्थायी दुश्मन करार दिया है।

इससे पहले बीते महीने में भी उत्तर कोरिया ने समुद्र की तरफ कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों ने बताया था कि उस मिसाइल ने उत्तर कोरिया के पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की थी।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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