महाराष्ट्र
5 घंटे पहले
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लालबागचा राजा की शाही विदाई की तैयारी
मुंबई के सबसे चर्चित और श्रद्धा के केंद्र लालबागचा राजा की विसर्जन यात्रा के लिए शहर पूरी तरह तैयार है। 25 सितंबर को आयोजित होने वाली यह भव्य और शाही विसर्जन मिरवणूक (यात्रा) अपने पारंपरिक वैभव के साथ निकाली जाएगी। इस आयोजन की शुरुआत सुबह 9 बजे से होगी। सुबह 10 बजे गणपति बप्पा की विशेष उत्तर पूजा संपन्न की जाएगी, जिसके बाद दोपहर 12 बजे से शाही जुलूस अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करेगा। दोपहर करीब 1 बजे लालबागचा राजा अपने मुख्य प्रवेशद्वार से बाहर निकलेंगे, जहां मुंबई पुलिस द्वारा उन्हें विशेष सलामी दी जाएगी। इस अवसर पर मंडल ने पुलिस बल की सराहना करते हुए कहा है, माणूस उभा आहे वर्दीतला… म्हणून उत्सव साजरा होतोय गर्दीतला, जिसका अर्थ है कि पुलिस की मुस्तैदी की वजह से ही भीड़ में यह उत्सव शांतिपूर्ण ढंग से मनाया जा पा रहा है।
विसर्जन यात्रा का रूट और पड़ाव
लालबागचा राजा की शोभायात्रा लालबाग मार्केट से शुरू होकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मार्ग, भारतमाता सिनेमा और लालबाग पुलिस चौकी से गुजरेगी। इसके बाद यात्रा वापस लालबाग मुख्य प्रवेशद्वार पर पहुंचेगी। यात्रा के प्रमुख पड़ावों में शामिल हैं:
- श्रॉफ बिल्डिंग पर पुष्पवृष्टि।
- चिंचपोकली ब्रिज और भायखला रेलवे स्टेशन।
- हिंदुस्तान मस्जिद का क्षेत्र।
- मुंबई अग्निशमन दल मुख्यालय, जहां फायर ब्रिगेड सायरन बजाकर बप्पा को विदाई सलामी देगी।
- खड़ा पारसी, दो टांकी, कुंभारवाड़ा, सुतार गली, माधव बाग, वी.पी. रोड और प्रार्थना समाज।
इस यात्रा की एक विशेष खूबी सांप्रदायिक सद्भाव भी है। यात्रा जब दो टांकी इलाके से गुजरेगी, तब मुस्लिम समाज के लोग लालबागचा राजा का पुष्पहारों के साथ भव्य स्वागत करेंगे। अंत में यह यात्रा गिरगांव चौपाटी सिग्नल पर पहुंचेगी, जहां मुंबई महानगरपालिका के स्वागत कक्ष के बाद बप्पा को विसर्जन घाट तक ले जाया जाएगा।
यात्रा की अवधि और विसर्जन का समय
गणपति बप्पा की यह विदाई यात्रा काफी लंबी होने वाली है। दोपहर 12 बजे शुरू होने के बाद, गिरगांव चौपाटी तक पहुंचने में इसे करीब 21 से 22 घंटे का समय लग सकता है। मंडल ने यात्रा के समापन का कोई निश्चित समय निर्धारित नहीं किया है, क्योंकि रास्ते में जगह-जगह स्वागत और सलामी के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस साल भी गणेशोत्सव के दौरान देशभर की कई बड़ी हस्तियों ने लालबागचा राजा के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया है।
लगातार चलने वाली इस यात्रा के बाद, 26 सितंबर को सुबह 10 बजे के बाद लालबागचा राजा को अरब सागर की लहरों में विसर्जित किया जाएगा। यह दिन केवल विसर्जन का नहीं, बल्कि मुंबई की अटूट आस्था, परंपरा और भाईचारे के अनूठे मेल का दिन होगा, जहां पुलिस, फायर ब्रिगेड और आम नागरिक मिलकर बप्पा को भावपूर्ण विदाई देंगे।
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